बागपत। बुजुर्ग मतदाता कहते हैं कि नए दौर का चुनाव पूरी तरह बदल गया है। खर्चीले चुनाव हो गए हैं, इसलिए आम आदमी चुनाव लड़ने की स्थिति तक में नहीं है। अब राजनीति में झूठे वायदों का शोर अधिक मचा हुआ है। युवाओं को नशे का आदि बनाया जा रहा है। पहले और अब के चुनाव में जमीन आसमान का अंतर हो गया है।
शहर के भजन विहार निवासी रामे ने बताया पहले प्रत्याशी जीतने के बाद कार्य कराते थे, अब वायदे करते हैं, कोई काम नहीं करता है। एक के समर्थन से सभी वोट एक ही व्यक्ति को डाले जाते थे। परिवार के लोग अलग-अलग अपना मत देते हैं।
बड़ौत रोड निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया चेयरमैन और सभासद का चुनाव खर्चीला हो गया है। पहले शरबत से ही मोहल्लों के खुश कर दिया जाता था, अब तो लाखों खर्च करने पर भी समर्थन में कोई वोट डालने को तैयार नहीं है।
बड़ौत रोड के ही रहने वाले ओमपाल ने बताया चुनाव में जातिवाद हावी होता जा रहा है। पहले ईमानदारी और योग्यता को देखकर अपनी वोट देते थे। अब के चुनाव पूरा बदल गया है।
सतवीर सिंह ने बताया चुनाव में भेदभाव हावी हो रहा है। पहले एक पंचायत में चेयरमैन और सभासद के प्रत्याशियों की घोषणा हो जाती थी, जिसको सभी स्वीकार करते थे। अब पंचायत के किसी भी फरमान को लोग नहीं मानते हैं। अपनी इच्छा से ही वोट करते हैं।