जीएसटी की आहट से सराफा बाजार में सन्नाटा
बागपत। जीएसटी की आहट से ही सर्राफा कारोबारी दोराहे पर हैं। सोने की बिक्री पर तीन प्रतिशत रीवर्स टैक्स देना पड़ेगा। सर्राफा कारोबारी के अनुसार जीएसटी लागू होने से सराफा व्यापार चौपट हो जाएगा। भाव पर अंतर आएगा और देहात के ग्राहक को इसके विषय में समझाना आसान नहीं होगा। चेक से अगर लेन-देन करेंगे तो इसके बाउंस होने का खतरा रहेगा।
सर्राफा व्यापार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज वर्मा कहते हैं कि सोने की बिक्री पर जिस तरह टैक्स लगाया गया है, वह गलत है। स्वर्णकारों को इससे मुक्त रखा जाना चाहिए था। टैक्स जमा करने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए। देहात में अधिकतर कारोबार उधार पर चलता है, ऐसे में मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।
सराफा नरेश कुमार कहते हैं कि परेशानी होना लाजिमी है। बड़े शहरों में ग्राहकों को हो सकता है, कोई दिक्कत न हो, लेकिन देहात के दुकानदारों को मुश्किलेें होगी। बागपत जैसे छोटे शहरों के दुकानदार भी इससे परेशानी झेलेंगे।
स्वर्णकार पप्पू वर्मा कहते हैं कि जीएसटी से सबसे ज्यादा नुकसान स्वर्णकारों को होगा। छोटे दुकानदारों को अपनी रोजी रोटी चलाना आसान नहीं रहेगा। कई चीजें तो ऐसी हैं, जिन पर अभी वाणिज्य कर के अधिकारी भी स्पष्ट बातें नहीं बता पा रहे रहे हैं।
स्वर्णकार राजेश वर्मा कहते हैं कि दुकानदारों का दायरा बनाया जाना चाहिए था। हर सराफा पर सोने की बिक्री पर टैक्स लगाना गलत है। इसका हिसाब किताब रखना आसान नहीं होगा। दुकानदारों पर बोझ बढ़ेगा।