देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रणमो गांव के पास सोमवार की रात एक युवक सड़क पर अचेतावस्था में मिला था। जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार की देर रात उसकी मौत हो गई। पीएम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मसीरपुर तिराहे पर जाम लगा दिया। एक घंटे बाद पुलिस के समझाने व जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने पर जाम समाप्त हुआ। देवगांव कोतवाली के खनियरा गांव निवासी 30 वर्षीय विरेंद्र राजभर पुत्र लालता अपनी मां को बाइक से लेकर लालगंज कस्बा आया था। यहां किसी अस्पताल में उसकी मौसी भर्ती थी। अस्पताल पर मां को छोड़ने के बाद वह गांव के ही एक युवक दीपक पुत्र कैलाश के साथ घर जाने की बात कह कर अस्पताल से निकल गया। देर रात वह रणमो गांव के पास सड़क पर अचेतावस्था में पड़ा था। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सीएचसी लालगंज ले गई। जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने घटना को हादसा बताया और बाइक पेड़ से टकरा जाने की बात कही। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार की देर रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस नेशव को पीएम के लिए भेज दिया। पीएम के बाद शव मंगलवार की शाम गांव पहुंचा तो परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मसीरपुर तिराहे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर देवगांव कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के समझाने व जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने पर एक घंटे बाद जाम समाप्त हो गया। पुलिस ने अस्पताल से मृतक के साथ गए युवक दीपक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। मृतक प्लंबर का काम करता था और एक पुत्र का पिता था। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।