आजमगढ़। पिछले वर्ष 10 जून को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रोहुआ मुस्तफाबाद गांव के पास हुई बनबिहारी मिश्रा की हत्या का खुलासा क्राइम ब्रांच ने शनिवार को करते हुए आरोपी भाई धमेंद्र को फरिहां मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया गया। धर्मेंद्र गंभीरपुर थाने का होमगार्ड है। जबकि मामले में बनबिहारी की हत्या के बाद मृतक के भाई ने साजिश के तहत गांव के कॉलेज प्रबंधक संतोष मिश्रा और उसके घर वालों को आरोपित किया था।
गंभीरपुर थाने के बालपुर खरैला गांव निवासी महेंद्र मिश्रा ने गंभीरपुर थाने में 10 जून 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें गांव के रहने वाले एमएसडी पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रबंधक संतोष मिश्रा, उनके पिता त्रिपुरारी मिश्रा, बृजभूषण उर्फ मिंटू और प्रमोद मिश्रा को आरोपित किया। महेंद्र ने बताया था कि बनबिहारी घटना के समय अपने गांव के चचेरे भाई धर्मेंद्र मिश्रा के साथ उनकी बाइक पर बैठकर घर जा रहे थे। उसके आंखों के सामने रात करीब नौ बजे रोहुआ मुस्तफाबाद के पास रामसुभग यादव के स्कूल के पास आरोपियों ने उसके भाई बनबिहारी मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या का खुलासा करने के लिए एसपी त्रिवेणी सिंह ने क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह को सौंपी थी। संजय सिंह ने गंभीरपुर थाने की पुलिस के सहयोग से शनिवार को फरिहां मोड़ के पास से धर्मेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी धर्मेंद्र मिश्रा होमगार्ड है। धर्मेंद्र के मुताबिक मृत बनबिहारी का संबंध उसके एक करीबी से था। इन दोनों को अश्लील हरकत करते हुए एक बच्ची ने देखकर धर्मेंद्र को बताई। इसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस की कमी से निर्दोषों ने भुगता खामियाजा
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रोहुआ मुस्तफाबाद गांव के पास 10 जून 2018 की रात गोली मारकर की गई बनबिहारी मिश्रा की हत्या के लिए उसके भाई महेंद्र मिश्रा ने गांव के संतोष मिश्रा, उसके पिता त्रिपुरारी मिश्रा सहित अन्य चार लोगों को आरोपित किया। इस मामले में त्रिपुरारी मिश्रा सात माह तक जेल काटकर जमानत पर हैं। जबकि अन्य तीन आरोपी फरार हैं। पुलिस इन आरोपियों पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी। इसी बीच शनिवार को हत्या का खुलासा हो गया। पुलिस संतोष के घर की कुर्की आदि भी कर चुकी है।
घटना का खुलासा करने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि जांच के दौरान उन्हें शक हुआ कि मुख्य आरोपी संतोष मिश्रा कई कॉलेजों का प्रबंधक है। वह स्वयं घटना को क्यों अंजाम देगा। उन्होंने कई बार गोपनीय तरीके से गांव में जाकर सुराग लगाया। बनबिहारी की हत्या का मुख्य गवाह धर्मेंद्र मिश्रा था। वह गंभीरपुर थाने के होमगार्ड है। बावजूद इसके उसकी अब तक गवाही नहीं हो सकी, घटना के बाद से ही छिप-छिपकर रह रहा था। धर्मेंद्र को गवाही के लिए कई बार नोटिस भी दी गई, लेकिन वह नहीं आया। तब धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो पूरा सच उगल दिया। बता दें कि संतोष मिश्रा की छवि और बढ़ता सियासी रुतबे से गांव सहित आसपास के लोग जलते थे। इसके चलते संतोष और उसके घर वालों का नाम हत्या से जोड़ दिया गया। इस घटना के बाद से ही संतोष सहित अन्य आरोपी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस कुर्की करते हुए घर का सारा सामान जब्त कर चुकी है।
एसपी ने दिया प्रारंभिक जांच का आदेश
आजमगढ़। गंभीरपुर थाने के रोहुआ मुस्तफाबाद गांव के पास 10 जून 2018 की रात करीब नौ बजे गोली मारकर की गई बालपुर खरैला गांव निवासी बनबिहारी की हत्या की जांच कई दरोगा और इंस्पेक्टरों ने की। लेकिन कोई खुलासा नहीं कर सका। शनिवार को घटना का खुलासा करने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय सिंह की एसपी त्रिवेणी सिंह ने पीठ थपथपाई। वहीं पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया। पुलिस के मुताबिक अब तक इस घटना की जांच प्रभारी निरीक्षक निहाल नंदन, अरविंद पांडेय, राजेश मिश्रा, राजेश उपाध्याय, विजय प्रताप सिंह कर चुके हैं। पुलिस की लापरवाही का परिणाम निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।