मृतक के रिश्तेदार संजय निषाद ने बताया कि राजेंद्र चार दिसंबर को कैटर्स टीम के साथ दोस्तपुर गए थे। उन्होंने कहा कि संभवतः ठंड लगने या किसी अन्य कारण से उनकी मौत हुई हो सकती है। वहीं, कैटर्स संचालक जितेंद्र मोदनवाल ने बताया कि राजेंद्र पिछले 15–20 वर्षों से उनके साथ काम कर रहे थे। शुक्रवार रात खाना खाने के बाद वे वहीं सो गए थे। सुबह जब हम पहुंचे तो वे बेहोश मिले, पास जाकर देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद घटना की जानकारी उनके भाई गोलू को दी गई।
जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष अतरौलिया देवेंद्र नाथ दुबे, उप निरीक्षक पवन सिंह और उमेश चंद मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा।