जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मुहम्मदपुर गांव निवासी बजरंगी पुत्र रामपत शुक्रवार को एससी-एसटी के एक मुकदमे में बयान दर्ज कराने के लिए सीओ सगड़ी सौम्या सिंह के कार्यालय पर आया था। बयान दर्ज कराने के लिए वह देर से पहुंचा था, जिसके चलते उसके पहुंचने पर सीओ सदर जिला मुख्यालय पर आयोजित किसी मीटिंग में शामिल होने के लिए निकल पड़ी थीं। इस पर उन्होंने बजरंगी से कहा कि देर से आए हो। अब दूसरे दिन आना।
सीओ सगड़ी कार्यालय पर शुक्रवार को बयान दर्ज कराने आए एक युवक ने सीओ के साथ अभद्रता कर दी। इस पर पुलिस ने उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। शनिवार को एसडीएम न्यायालय पर जमानत के लिए आरोपी युवक पहुंचा तो एसडीएम ने उसे 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मुहम्मदपुर गांव निवासी बजरंगी पुत्र रामपत शुक्रवार को एससी-एसटी के एक मुकदमे में बयान दर्ज कराने के लिए सीओ सगड़ी सौम्या सिंह के कार्यालय पर आया था। बयान दर्ज कराने के लिए वह देर से पहुंचा था, जिसके चलते उसके पहुंचने पर सीओ सदर जिला मुख्यालय पर आयोजित किसी मीटिंग में शामिल होने के लिए निकल पड़ी थीं। इस पर उन्होंने बजरंगी से कहा कि देर से आए हो। अब दूसरे दिन आना।
सीओ की इस बात पर बजरंगी भड़क उठा और सीओ के साथ अभद्रता करने के साथ ही गाली-गलौज करने लगा। सिपाहियों ने उसे पकड़ कर बैठा लिया और कोतवाली पुलिस के हवाले उसे कर दिया गया। कांस्टेबल देवेंद्र कुमार की तहरीर पर जीयनपुर कोतवाली में बजरंगी के खिलाफ धमकी देने, अभद्रता करने व सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर शांतिभंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। इसके बाद कोतवाली से आरोपी एसडीएम न्यायालय में पहुंचा तो एसडीएम राजीव रतन सिंह ने उसे जमानत देने के बजाय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।