परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले उपेंद्र पाठक ने अपनी लगभग 36 लाख रुपये की जमीन बेची थी। पत्नी सुप्रिया के कहने पर यह धनराशि उसके भाई आदर्श पाठक उर्फ शोले के खाते में जमा कराई गई थी। परिजनों का दावा है कि जमीन बिक्री के इसी धनराशि को लेकर हुए विवाद के चलते उपेंद्र की हत्या की गई है। उन्होंने इस मामले में पत्नी सुप्रिया, साले आदर्श उर्फ शोले, ससुर यादवेंद्र मिश्रा और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक उपेंद्र पाठक की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी से उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनमें से एक पुत्री का विवाह हो चुका है। दूसरी पत्नी सुप्रिया से एक पुत्र अंश पाठक है, जो घटना की रात देर से ससुराल पहुंचा था।
बरदह थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि शव बंद कमरे से बरामद हुआ है और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। फोरेंसिक टीम ने भी अपनी जांच पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए पत्नी, साले और ससुर सहित अन्य सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जमीन की बिक्री से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।