आजमगढ़। सीबीएसई, यूपी और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों को नई मूल्यांकन नीति के अनुसार जितने अंक मिलेंगे, उनको उन्हीं से संतोष करना होगा। छात्र अपने परीक्षा परिणाम की स्क्रूटनी नहीं करा पाएंगे। फिलहाल इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं हैं। यदि वे अपने प्राप्त अंकों से असंतुष्ट होंगे तो उनको अगली बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इसे लेकर अभी निर्देश नहीं आया है।
बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं होता है तो स्क्रूटनी की व्यवस्था हर बोर्ड में है। लेकिन इस बार सभी बोर्डों के हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं। दोनों परीक्षा परिणाम नई मूल्यांकन नीति पर जारी किए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों ने छात्रों के कक्षा 9 से कक्षा 12 तक स्कूल परीक्षा में प्राप्त अंक अपनी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। शिक्षकों ने बताया कि जब परीक्षा परिणाम जारी होगा तब छात्रों में भारी असंतोष हो सकता है। हो सकता है कि वे प्राप्त अंकों से संतुष्ट न हों, लेकिन वे इस बार इसकी स्क्रूटनी नहीं करा पाएंगे। डीआईओएस डा. वीके शर्मा ने बताया कि बोर्ड के पास इस बार छात्रों की कोई भी उत्तर पुस्तिका नहीं होगी न ही मूल्यांकन में प्राप्त अंकों के अवॉर्ड शीट। ऐसे में बोर्ड किस चीज की स्क्रूटनी करेगा। जब उत्तर पुस्तिका ही नहीं होगी तो पुनर्मूल्यांकन का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि अभी अंक किस बेस पर दिया जाएगा यह इसे लेकर कुछ स्पष्ट अभी तक नहीं हो सका है।