प्रदूषण का कारण बनने वाले परिवहन विभाग ने 15 साल से ऊपर के पेट्रोल और 10 साल से ऊपर के हो चुके डीजल वाहनों को सड़कों से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद अभी भी सड़कों पर खटारा वाहन फर्राटा भर रहे हैं। विभाग मौन साधे बैठा है। इन पर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सुप्रीम कोर्ट प्रदूषण फैलाने वाले 15 साल से पुुराने वाहनों को इंसान की सेहत के लिए खतरनाक मानते हुए इनके संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दे रखे हैं। प्रदेश सरकार ने भी ऐसे वाहनों पर सख्ती करने का फरमान जारी किया है। लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। 15 साल से अधिक पुराने वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। ऐसे वाहन तेज धुआं छोड़ते हुए शहर की मुख्य सड़कों से गुजरते हैं। यहां तक कि गांवों को जोड़ने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर इन वाहनों को सवारियां और स्कूली बच्चों को ढोते देखा जा सकता है। हालांकि एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव यह बताने से बच रहे कि जनपद में कितने खटारा वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जब पूछा जाता है तो उनका यही जवाब रहता है कि कंप्यूटर से देखने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।