जिले में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएचसी और पीएचसी पर एक्सरे मशीनें आदि लगाई गई हैं। इनमें से ज्यादातर मशीनें टेक्नीशियन के अभाव में बंद हैं। जिले में 29 स्वास्थ्य केंद्रों में से करीब 14 पर एक्सरे सुविधा प्रभावित है, कहीं मशीन नहीं तो कहीं टेक्नीशियन का अभाव है।
ऐसे में गरीब बाहर निजी एक्सरे मशीनों से जांच कराने को मजबूर हैं। मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले में 23 सीएचसी, 06 पीएचसी संचालित हैं।
इसमें स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मेहनजाजपुर, बरदह, छाऊं, मेंहनगर, देवगांव, अजमतगढ़, पवई, मुबारकपुर, जीयनपुर, फूलपुर, परशुरामपुर, कोयलसा, बिलरियागंज, अतरौलिया, जहानागंज, हरैया, तहबरपुर, मार्टीनगंज, लाटघाट व सठियांव सीएचसी पर एक्सरे मशीन उपलब्ध है।
इसमें विभाग का दावा है कि पवई, मार्टीनगंज, लाटघाट और सठियांव में टेक्नीशियन नहीं है, बाकी सभी सीएचसी पर दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग के दावों के बीच प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज निजी संस्थानों से मोटी रकम देकर एक्सरे कराने को मजबूर होते हैं।
तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर न मशीन, न टेक्नीशियन
जिले के महाराजगंज, अहरौला और जिगनी सीएचसी पर अभी तक न तो एक्सरे मशीन की उपलब्धता हो पाई है। इसके चलते यहां टेक्नीशियन की भी तैनाती नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज आते हैं, उन्हें एक्सरे कराने के लिए निजी मशीनों का सहारा लेना पड़ता है।
निजामाबाद पीएचसी में एक्सरे की सुविधा नहीं
निजामाबाद। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे की सुविधा नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक द्वारा एक्सरे की सलाह दिए जाने के बाद मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है। क्षेत्र के पंकज वर्मा, संजय सोनी, मिथिलेश, संजय यादव, अशोक यादव, मुकेश सिंह, अशोक ने बताया कि पीएचसी में यदि एक्सरे मशीन और जांच की समुचित व्यवस्था रहती तो मरीजों को निजी केंद्रों के हाथों लूटना नहीं पड़ता।
मशीन तो है, पर टेक्नीशियन नहीं
देवगांव। स्थानीय सीएचसी पर एक्सरे की सुविधा नहीं होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चिकित्सकों द्वारा एक्सरे की सलाह दिए जाने पर मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। इससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है। अधीक्षक डॉ. एआर सिंह ने बताया कि हमारे यहां एक्सरे मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन कोई टेक्नीशियन नहीं होने के कारण वह बंद पड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में करीब 500 मरीजों की रोजाना ओपीडी होती है, लेकिन एक्सरे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, सिक्योरिटी गार्ड आदि का अभाव बना हुआ है। संवाद
सीएचसी बनने के 14 साल बाद भी एक्सरे की सुविधा नहीं
अहरौला। पीएचसी से सीएचसी बनने के 14 साल बाद भी अहरौला केंद्र पर एक्सरे की मशीन अभी तक नहीं लगी। इससे एक्सरे के नाम पर मरीज को निजी एक्सरे केंद्र पर भारी कमीशन देकर जांच करानी पड़ती है, जबकि 2014 में सीएचसी बनने के साथ उसी बजट में एक्सरे मशीन भी आनी थी, लेकिन आज तक एक्सरे मशीन यहां उपलब्ध नहीं हो पाई। यहां टेक्नीशियन की नियुक्ति 2014 में भी हो गई थी, लेकिन दो महीने पहले उनका स्थानांतरण हो गया। अधीक्षक डॉ. शिवकुमार यादव ने बताया कि कई बार यहां से एक्सरे मशीन के लिए डिमांड भेजी गई है। सीएमओ कार्यालय से भी डिमांड शासन को भेजी गई है।
बरदह में बिजली कटते ही ठप हो जाती है मशीन
बरदह। सीएचसी पर एक्सरे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद बिजली कटौती के दौरान मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में बड़ा जनरेटर नहीं होने से बिजली कटने पर एक्सरे जांच रुक जाती है। बिजली आने के बाद ही मशीन दोबारा संचालित हो पाती है, जिससे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। सीएचसी में प्रतिदिन करीब 40 से 50 मरीज एक्सरे जांच के लिए पहुंचते हैं। अधीक्षक सोमेश रंजन मिश्रा ने बताया कि बिजली रहने पर एक्सरे मशीन नियमित रूप से चलती है और मरीजों की जांच की जाती है। बिजली कटने पर मशीन बंद हो जाती है।
सीएचसी और पीएचसी पर एक्सरे सुविधा नहीं, बाहर करानी पड़ती है जांच
रानी की सराय। सीएचसी बढ़या और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानी की सराय में एक्सरे की सुविधा नहीं होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चिकित्सकों द्वारा एक्सरे की सलाह दिए जाने पर मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है। दुर्घटना में घायल और हड्डी संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों को एक्सरे के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है।
तहबरपुर में मशीन है, टेक्नीशियन नहीं
तहबरपुर। स्थानीय सीएचसी में मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब एक माह पहले एक्सरे मशीन तो आई, लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में यह मशीन अब तक चालू नहीं हो सकी है। ऐसे में अस्पताल में मौजूद सुविधा मरीजों के किसी काम नहीं आ रही है। मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। पड़ताल में एक्सरे मशीन तो उपलब्ध मिली, लेकिन उसके संचालन के लिए टेक्नीशियन की तैनाती नहीं होने से जांच सुविधा बंद मिली। अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार अग्रहरी ने बताया कि एक्सरे मशीन करीब एक माह पहले अस्पताल में उपलब्ध हो चुकी है। मशीन के संचालन के लिए टेक्नीशियन की आवश्यकता है।
पीएचसी पर मशीन नहीं
अतरौलिया। सीएचसी अतरौलिया में एक्सरे मशीन चालू हालत में है और इसके संचालन के लिए एक टेक्नीशियन भी तैनात है। वहीं क्षेत्र के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेनपुर और बढ़या में न तो एक्सरे मशीन उपलब्ध है और न ही टेक्नीशियन की तैनाती है। ऐसे में इन केंद्रों पर आने वाले मरीजों को एक्सरे जांच के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
वर्जन
जिले के 20 स्वास्थ्य केंद्रों पर मशीनें उपलब्ध हैं और यहां टेक्नीशियन की तैनाती भी है। जहां मशीन और टेक्नीशियन नहीं हैं, वहां की डिमांड निदेशालय को भेजी जाएगी। -डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।
पवई — मशीन है, टेक्नीशियन नहीं
मार्टीनगंज — मशीन है, टेक्नीशियन नहीं
लाटघाट — मशीन है, टेक्नीशियन नहीं
सठियांव — मशीन है, टेक्नीशियन नहीं
महाराजगंज — मशीन नहीं
अहरौला — मशीन नहीं
जिगनी — मशीन नहीं
निजामाबाद पीएचसी — एक्सरे सुविधा नहीं
देवगांव — मशीन है, टेक्नीशियन नहीं, इसलिए एक्सरे बंद
रानी की सराय पीएचसी — एक्सरे सुविधा नहीं
सीएचसी बढ़या — एक्सरे सुविधा नहीं
तहबरपुर — मशीन है, टेक्नीशियन नहीं, इसलिए एक्सरे बंद
सेनपुर पीएचसी — मशीन नहीं
बढ़या पीएचसी — मशीन नहीं
अतरौलिया में बंद एक्स-रे रुम। संवाद
अतरौलिया में बंद एक्स-रे रुम। संवाद