शनिवार को मौसम को खुला देख किसानों के चहरे पर मुस्कान लौटी। पानी से सड़ रही फसलों को बचाने के लिए किसान जुट गए। शनिवार को किसानों ने हरिश्चंद्रपुर गांव में बैठक की और एक-दूसरे की सहायता करने का निर्णय लिया।
बैठक के बाद किसान खेतों में कूद पड़े और समूह बनाकर खेतों से गेहूं की फसल को बाहर निकालने का कार्य किया। क्षेत्र के ओमकार राय, मनोज यादव, नंदलाल, अशोक राय आदि का कहना है कि हमें सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। क्योंकि सरकार को अगर किसानों की कोई फिक्र होती तो गांव में कोई न कोई प्रशासनिक अधिकारी जरूर पहुंचता। केंद्र, प्रदेश की सरकारों का किसानों से कोई लेना-देना नहीं है।