लाटघाट। 13 जून को डीएम विशाल भारद्वाज ने महुला गढ़वाल बांध का बाढ़ पूर्व निरीक्षण किया था। निरीक्षण में उन्होंने विकासखंड हरैया के खंड विकास अधिकारी रवि कुमार को निर्देश दिया था कि महुला गढ़वाल बांध पर स्थित शौचालय और रैन बसेरा की मरम्मत बाढ़ पूर्व करा लें। लेकिन, 20 दिन बीत जाने के बाद भी ना तो शौचालय सही कराया गया और ना ही रैन बसेरा। महुला गढ़वाल बांध के उत्तर स्थित गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। प्रभावित हुए गांव से लोग विस्थापित होते हैं और बंधे पर शरण लेते हैं। विस्थापितों के लिए बनाए गए रैन बसेरा, शौचालय उनकी शरण स्थल बनते हैं। वर्तमान में वहां गंदगी फैली हुई है। ना तो शौचालय सही कराए गए हैं और ना ही रैन बसेरा की मरम्मत हुई। डीएम के आदेश के बाद भी विकासखंड हरैया के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं बाढ़ खंड द्वारा हर वर्ष की भांति इस बार भी रेगुलेटरों की मरम्मत की औपचारिकता पूरी कर ली गई है। रेगुलेटरों से होने वाले रिसाव बाढ़ में ही दिखाई देते हैं। खंड विकास अधिकारी हरैया रवि कुमार ने बताया कि संबंधित सभी सेक्रेटरियों को शौचालय की मरम्मत करने और रैन बसेरा को सही करने की सूचना दे दी है।