आजादी के अमृत महोत्सव के समापन को यादगार बनाने के लिए सभी विभागों को हर घर तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी दी गई है। झंडा बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक की कुल 614 समूह का चयन किया गया है। कुल 614 समूहों की 1600 महिलाओं को अलग-अलग तिरंगा झंडा तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समूहों द्वारा कुल चार लाख 30 हजार झंडा बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष करीब 78 हजार झंडों का निर्माण किया जा चुका है।
जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बनाएंगी। जिसे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सरकारी भवनों एवं आम लोगों के मकान तथा प्रतिष्ठानों पर फहराया जाएगा। उपायुक्त एनआरएलएम अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि झंडा निर्माण के लिए महिला समूहों को सीधे ग्राम पंचायतों से आर्डर मिल रहे हैं, जिससे उन्हें भुगतान मिलने में दिक्कतें भी नहीं आएंगी।
झंडा निर्माण के लिए महिला समूह स्वयं कपड़े की खरीद कर रही हैं, जिससे महिला समूहों को कम समय में अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिला है। सभी बीडीओ की देखरेख में झंडा निर्माण कराए जा रहे हैं। अब तक करीब 78 हजार झंडे तैयार हो गए हैं और शेष झंडों का निर्माण भी समय से करा लिया जाएगा।