नहाय-खाय से छठ अनुष्ठान शुरू करने वाली व्रती महिलाओं ने शनिवार को खरना रखा। शाम को पूजा वेदी पर दीप जलाए। रविवार की शाम नदी, तालाबों के किनारे पानी में खड़े होकर व्रती महिलाएं भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगी।
तमसा नदी के घाट हों या देहात क्षेत्रों में नहर के किनारे बनाए गए घाट, कहीं कीचड़ है तो कहीं घुटने भर पानी। जिले में बड़े पैमाने पर महिलाएं व्रत करती हैं। स्वयंसेवी संगठनों के अलावा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता में व्यवस्था में सहयोग देेने में लगे हैं। व्रती महिलाओं की सुविधा को देखते हुए कुछ नेताओं ने नलकूप के जरिए तालाब, पोखरा और नहर आदि में पानी भरवाया।
सगड़ी संवाददाता के मुताबिक तहसील क्षेत्र के नहर शारदा सहायक खंड 32 में पानी नहीं आ रहा। जगह-जगह थोड़ा-बहुत कीचड़युक्त पानी जमा है। क्षेत्र के लोगों की व्रत के प्रति इतनी आस्था है कि लोग नहर के कीचड़युक्त पानी के किनारे अर्घ्य लेने के लिए वेेदी बनाए हुए हैं। जीयनपुर नगर पंचायत के घाटों की साफसफाई के लिए चेयरमैन खुरमुल्ली गुप्ता ने कोरिया पोखरा सहित अन्य जगहों की सफाई करवाई है। पोखरे में नलकूप के जरिए पानी भरवाया जा रहा है।
इसी क्रम में बिलरियागंज, अजमतगढ़, मालटारी, मनिकाडीह, पकवाइनार, अंजानशहीद, बागखालिस आदि छोटे-बड़े बाजारों में लोगों ने फलों समेत अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी की, जिससे पूरे दिन चहल-पहल बनी रही। लालगंज संवाददाता के मुताबिक नगर पंचायत कटघर लालगंज के चेयरमैन प्रतिनिधि शरद यादव ने कस्बे के सभी पोखरो के घाटों की साफ-सफाई कराई है। साथ ही जिस स्थान पर पानी कम है। वहां नलकूप के जरिए पानी भरवाया ताकि अर्घ्य देने में महिलाओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।