परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे-मील के मसालों की सप्लाई की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाएगी। जल्द ही मसालों का मूल्य निर्धारित कर जरूरत के अनुसार मसाले मंगवाए जाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त मिथिलेश तिवारी द्वारा पत्र जारी किया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नई पहल की गई है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए कम दाम पर अच्छे मसाले उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी समूहों को सौंपी जाएगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी उपायुक्त मिथिलेश तिवारी ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का यह बेहतर साधन है। यह एक नई पहल होगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया जा रहा है। विद्यालय वार मसालों की डिमांड उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद बैठक कर मसालों के दाम तय किया जाएगा। दाम पर सहमति बनने पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले के 2702 विद्यालयों में जरूरत के आधार स्वयं सहायता समूह की सहायता से विद्यालयों में मसाले उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा।