आजमगढ़। नवरात्र के दौरान महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ने का सकारात्मक रुझान सामने आया है। नौ दिनों में 481 महिलाओं ने अपने नाम जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराई, जो कुल रजिस्ट्रियों का लगभग आधा हिस्सा है।महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर दी जा रही एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट का लोगों ने व्यापक लाभ उठाया, जिससे पंजीयन कार्यालयों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन रजिस्ट्रियों से विभाग को कुल 6 करोड़ 27 लाख 18 हजार 330 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। आय के मामले में सदर तहसील का उपनिबंधक कार्यालय सबसे आगे रहा, जहां से 2 करोड़ 80 लाख 65 हजार 350 रुपये की आमदनी हुई। सगड़ी तहसील दूसरे स्थान पर रही। यहांं 98 लाख 76 हजार 810 रुपये राजस्व मिला। फूलपुर उपनिबंधक कार्यालय में सबसे कम 27 लाख 23 हजार 320 रुपये की आय दर्ज की गई। इसके बाद निजामाबाद तहसील का स्थान रहा, जहां 33 लाख 89 हजार 230 रुपये का राजस्व मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की छूट योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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नौ दिनों में तहसीलवार महिलाओं के नाम रजिस्ट्री का विवरण
तहसील महिलाओं के नाम रजिस्ट्री आय
लालगंज 42 5225900 रुपये
सगड़ी 117 9876810 रुपये
निजामाबाद 51 3389230 रुपये
सदर 126 28065350 रुपये
मार्टीनगंज 32 4822600 रुपये
फूलपुर 28 2723320 रुपये
बूढ़नपुर 59 5172600 रुपये
मेंहनगर 26 3442520 रुपये
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महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर सरकार की ओर से स्टांप ड्यूटी पर एक प्रतिशत की छूट दी जाती है। यानि एक करोड़ तक की मालियत पर एक लाख की छूट प्रदान की जाती है। यह छूट पूरे साल चलती है। नवरात्र में लोग नया काम शुभ मानते हैं इसलिए रजिस्ट्री कुछ ज्यादा होती है। इस बार भी नवरात्र में सिर्फ महिलाओं के नाम पर हुई 481 रजिस्ट्री से 62718330़ रुपये की आय हुई है। -राजेश कुमार, एआईजी स्टांप।