जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के पास लावारिस हाल में पड़ी महिला
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आजमगढ़। जिला अस्पताल में भर्ती हुई महिला को अस्पताल प्रशासन ने लावारिस छोड़ दिया। कई दिनों तक परिसर में वह इधर उधर पड़ी रही। फिर मंगलवार की रात उसे पोस्टमार्टम हाउस के पास छोड़ दिया गया। वहीं अस्पताल के रिकार्ड में वह महिला 14 मई से ही लापता बताई जा रही है। डीएम से शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन जागा और उसे वापस अस्पताल में लाकर वार्ड में भर्ती कराया।
एक लावारिस महिला सप्ताह भर पूर्व घायलावस्था में जिला अस्पताल पहुंची थी। महिला के एक पैर में प्लास्टर भी चढ़ा हुआ है। शुरू में उसे महिला सर्किल वार्ड में भर्ती किया गया था, लेकिन 14 मई के बाद से वह महिला वार्ड से गायब थी। अस्पताल प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार वह महिला लापता हो गई है जबकि वह इसी अस्पताल परिसर में इधर-उधर पड़ी थी। हद तो तब हो गई जब मंगलवार को उसे पीएम हाउस के पास बनाए गए चबूतरे पर ले जाकर छोड़ दिया गया। एक व्यक्ति ने उसे वहां पड़ा देखा और नर्सों से जानकारी की तो नर्सों ने बताया कि महिला 14 मई से ही लापता है। उस व्यक्ति ने जब नर्सों को महिला के पीएम हाउस के पास पड़े होने की बात बताई तो नर्सों ने जानकारी होने से पल्ला झाड़ लिया। तत्काल इसकी शिकायत डीएम एनपी सिंह से की गई। इस पर डीएम ने एसआईसी की क्लास ली तो अस्पताल प्रशासन जाग उठा। महिला को तत्काल उठा कर वार्ड में लाकर भर्ती कराया गया। अपनी लापरवाही व गलती को छुपाने के लिए एसआईसी ने कहा कि महिला स्वयं वहां जाकर सोई थी। पूछने पर बताया कि वार्ड में गर्मी हो रही थी। जबकि महिला की स्थिति यह है कि वह कुछ भी साफ-साफ बोल नहीं पा रही है। इतना ही नहीं यदि महिला अपने से बाहर गई थी तो फिर रिकार्ड में 14 मई से लापता कैसे दर्ज है। इस पर कुछ बोलने के बजाय एसआईसी डॉ. एसकेजी सिंह फोन कट कर भाग खड़े हुए।