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Azamgarh News: वातावरण में नमी बढ़ने से छोटे बच्चों में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनप रहे

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आजमगढ़।
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मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। गर्मी और उमस के बीच रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और उल्टी-दस्त जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या 22 से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गई है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 250 से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें से 75 बच्चे वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और उल्टी-दस्त जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित हैं। बरसात में वातावरण में नमी बढ़ने से वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। यदि बच्चे को लगातार उल्टी-दस्त हो रहा है तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। ऐसे में तुरंत ओआरएस का घोल देना चाहिए।
ये हैं लक्षण
तेज या लगातार बुखार आना।
नाक बहना, छींक और गले में खराश।
लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ।
उल्टी, दस्त और पेट दर्द।
शरीर में कमजोरी, सुस्ती और चिड़चिड़ापन।
भूख कम लगना और पानी कम पीना।
आंखें धंसना या मुंह सूखना, जो डिहाइड्रेशन का संकेत।

ये हैं बचाव के उपाय
बच्चों को उबला या स्वच्छ पानी ही पिलाएं।
बाहर का खुला और बासी भोजन खाने से बचाएं।
भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धुलवाएं।
बारिश में भीगने पर तुरंत सूखे कपड़े पहनाएं।
घर और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें।
बच्चे को संतुलित और पौष्टिक भोजन दें।
उल्टी-दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का घोल दें।
सांस लेने में दिक्कत हो तो बच्चे को भाप दें।
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