राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने आरोप लगाया कि अपने फायदे के लिए घर वापसी और लव जेहाद जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर भाजपा और सपा प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं।
ताकि 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों वर्ग के लोग उनका दामन थाम सकें। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दोनों दलों के इस कृत्य से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है
लेकिन राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल दोनों दलों के नापाक इरादों को कामयाब नहीं होने देगी। आमिर गुरुवार को पार्टी की तरफ से फरिहां चौक पर आयोजित सद्भावना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सपा नेता धर्म परिवर्तन के नाम पर केवल प्रदेश में भ्रमण कर भाषण कर रहें है, वहीं भाजपा के नेता धर्म परिवर्तन कराने की बात कर लोगों को भड़काने में जुटें हैं।
दोनाें दलों के शीर्ष नेता अब दिल्ली में कहते हंै कि ऐसा कुछ भी नहीं है। जनता अब इनके चेहराें को पहचान गई है। विकास के नाम पर दोनों दल विनाश की राजनीति कर रहें है।
कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि कौंसिल का नारा है एकता का राज चलेगा, मुस्लिम-हिंदू साथ चलेगा।
उन्होंने कहा कि कौंसिल पूरे प्रदेश में सद्भावना सम्मेलन के तहत आपसी भाईचारा व सद्भावना को बनाए रखने और भारत की एकता अखंडता को कायम रखने का प्रयास कर रही है।
कौंसिल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमात्मा शरण पांडेय ने कहा कि आज समय की मांग है कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के नौजवान आगे आकर नफरत की राजनीत का पर्दाफाश करें। ताकि आपसी सौहार्द कायम रहे।
जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि आज लोगों को विकास के साथ सद्भाव की जरूरत है, अब जनता किसी के बरगलाने में नहीं आने वाली है।
उन्होंने कहा कि उलेमा काउंसिल गरीब, मजलूमों और बेसहारों की पार्टी है, इनके लिए काम करती है और करती रहेगी।
सम्मेलन को राष्ट्रीय सचिव मौलाना गुलाम मोहम्मद रिजवी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना निजामुद्दीन इस्लाही, मुफ्ती गुफरान कासमी, नंद कुमार, अनिल सिंह आदि ने संबोधित किया।
इस मौके पर भाजपा और सपा छोड़कर आए कई लोगों ने कौंसिल की सदस्यता ग्रहण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने तथा संचालन अफजल अहमद चमन ने किया।
इस मौके पर कन्हैया पांडेय, डा. हीरा लाल चौहान, मेराज खान, शहाब, खालिद, वसीम, फरिहा, अशरफ आजम, आसिफ, मकसूद आदि उपस्थित रहे।