शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल भले ही गरीब बच्चों को प्रवेश न दे पा रहे हों, लेकिन विभाग अब बच्चों की निगरानी कराते हुए बच्चों की उपस्थिति और शासन के फंड के उपयोग की पड़ताल कराएगा। ताकि बच्चों को शिक्षा के अधिकार का लाभ मिल सकें। इस निगरानी के तहत स्कूल और छात्र से जुड़ी जरूरी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी और शासन को भी जानकारी भेजनी होगी। जिससे पता चलेगा कि बच्चों को दाखिला दिया या नहीं। कॉन्वेंट स्कूल शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों का प्रवेश लेने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने अब स्कूल और बच्चों से जुड़ी जानकारियां पोर्टल पर अपलोड कराने की योजना बनाई है। शिक्षा विभाग कुछ अहम बिंदुओं को ध्यान में रखकर डाटा एकत्र करेगा, जिसमें स्कूल की स्थिति, उपस्थित का प्रतिशत, फंड का सही उपयोग सहित कई अन्य बिंदुओं को शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो हर महीने डाटा अपलोड कराने से स्कूलों की मनमानी के साथ ही बच्चों की सही आर्थिक स्थित और तमाम जानकारियां मिलेंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि विभाग ने जितने भी आदेश प्रवेश के लिए जारी किए हैं, किसी भी दशा में स्कूलों को उनका प्रवेश कराना ही होगा। अन्यथा विभाग ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।