लोकसभा चुनाव के दौरान पाकिस्तान की गोलियों का जवाब गोलियों से देने की बात करनेवाले नरेंद्र मोदी का वह जज्बा कहां गया। आज पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी कर रहा है। हमारे जवानों के शव आए दिन उनके घर पहुंच रहे हैं। झूठा वादा करके सत्ता हासिल करनेवाली भाजपा सरकार आज हर मोर्चे पर असफल है। उक्त बातें मैनपुरी सांसद तेज प्रताप सिंह यादव ने शनिवार को कुंवर सिंह उद्यान में ईशदत्त यादव की 16वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि मुझे ईशदत्त यादव जी के साथ रहने का अवसर नहीं मिला लेकिन यहां के लोगों ने उनके बारे जो कुछ बताया उससे उनकी महानता की झलक मिलती है। निश्चित रूप से वे महान समाजवादी थे। मैं ऐसे नेता को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। कहा कि नेताजी ने आजमगढ़ को जो स्नेह दिया है उससे अब उनके इस कथन में संदेह नहीं है कि अगर इटावा मेरा दिल है तो आजमगढ़ धड़कन। कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया है उसकी प्रशंसा विदेशों तक में भी हो रही है। केंद्र पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सौ दिन में काला धन वापस लाने की घोषणा करने वाले सवा साल बाद कह रहे हैं कि हमने काला धन लाने का नहीं बल्कि कमेटी बनाने का वादा किया था।
महाराष्ट्र प्रांत के सपाध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने कहा कि ईशदत्त यादव जी के दिखाए रास्ते पर चलकर ही मैं मुंबई में सपा का झंडा फहरा रहा हूं। कहा कि यूपी के किसानों के लिए सपा सरकार ने जितनी सहूलियत दी हैं उतनी किसी प्रांत में नहीं मिलती हैं। किसी भी सरकार ने मुसलमानों को मांगने पर एक गिलास पानी नहीं दिया। लेकिन सपा ने आधा गिलास पानी जरूर दिया। कहा कि पहले कांग्रेस सरकार बाटला हाउस कांड की जांच नहीं होने दे रही थी अब वही काम भाजपा कर रही है। आज दूसरे मुल्कों में जाकर व्यापार कर रहे हमारे भाई बताते हैं, कि इस देश की सरकार के पास कोई नीति ही नहीं है। फिर भी मोदी हमारा मुल्क तरक्की कर रहा है। इनसे बड़ा फेंकू दूसरा कोई नहीं है। भाजपा को सबसे ज्यादा खतरा सपा से है।
सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि ईशदत्त यादव सपा के संस्थापक सदस्य थे। उन्होंने नेताजी के कंधे से कंधा मिलाकर पूर्वांचल में पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। कहा कि एक पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक विकास के मामले में पहले पर दिल्ली दूसरे पर यूपी है। लेकिन अफसोस है कि जिस नेता जी ने यहां के विकास में कोई कसर नहीं रखी, उसे हम मनचाहे वोटों से जीत नहीं दिला सके।