आजमगढ़। विशेषज्ञों की कमी से कोविड-19 पीड़ित गंभीर मरीजों की एल-3 अस्पताल के रूप में चयनित राजकीय मेडिकल कालेज एवं सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में लगातार हो रही मौत को लेकर जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। ऐसे में जिलाधिकारी ने आदेश जारी किए हैं कि शहर के विशेषज्ञ प्राइवेट चिकित्सक अपने यहां इलाज कराने वाले मरीज को कोविड पॉजिटिव आने पर मेडिकल कालेज रेफर करते हैं तो भी उनको अपना इलाज पूरा करना होगा। मेडिकल कालेज जाकर दवा के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर मरीज को देखने के लिए विजिट भी करना होगा। इस संबंध में आईएमए को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एल-थ्री अस्पताल के रूप में चयनित राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में आजमगढ़ के अलावा बलिया, मऊ और अंबेडकरनगर के भी गंभीर मरीजों को भेजा जाता है। मेडिकल कालेज में कार्डियोलाजिस्ट, नेफ्रोलाजिस्ट, गैस्ट्रोलाजिस्ट के साथ ही अन्य विशेषज्ञों की कमी है। इससे गंभीर रोगों से पीड़ित संक्रमित मरीजों की लगातार मौत हो रही है। शासन के निर्देश पर विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है। जिलधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ये भी देखा जा रहा है कि शहर के नामी प्रमुख चिकित्सक अपने यहां इलाज के लिए आने वाले गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर देते हैं। वहां समुचित इलाज नहीं होने से उनकी मौत हो रही है। ऐसी स्थिति में उन्होंने निर्देश दिए कि जिन प्राइवेट चिकित्सक के पास उक्त मरीज का इलाज चल रहा होगा वह मेडिकल कालेज में भर्ती होने के बाद भी मरीज का ख्याल रखेगा। वहां जाकर दवा आदि के बारे में पूरी जानकारी देगा। इसके साथ ही जरूरत पड़ेगी तो वहां विजिट कर मरीज को देखेंगे भी। उन्होंने कहा कि इस बारे में निजी चिकित्सकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।