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स्कूल में दोस्तों का मिला साथ तो चहके बच्चे

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कक्षा एक से नौवीं तक के स्कूल सोमवार को खुलने पर रौनक लौट आई। अबतक घर बैठे बच्चे जब स्कूल पहुंचे और दोस्तों का साथ मिला तो खुशी से चहक उठे। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे ऊब चुके थे। बच्चों का कहना है कि कक्षा में पढ़ना अच्छा लगता है। अभिभावकों ने बच्चों को मास्क के साथ भेजा। स्कूलों के गेट पर बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई और हैंड सैनिटाइज के बाद उन्हें कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।
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कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने पर सात फरवरी से कक्षा नौ से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी माध्यमिक स्कूल और डिग्री कालेज खोल दिए थे। इसके बाद शासन के आदेश पर सोमवार (14 फरवरी) को से कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालय खुल गए। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए कक्षाएं चलाने की तैयारी विद्यालयों ने पहले ही कर ली थी। सोमवार को अभिभावकों ने मास्क के साथ अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाया। पब्लिक स्कूलों में कोरोना गाइड लाइन का गंभीरता से खयाल रखा गया। स्कूलों के गेट पर ही बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई, हाथों को सैनिटाइज किया गया। इसके बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत नहीं थी।
वहीं अधिकतर प्राथमिक विद्यालयों में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में बच्चे बिना थर्मल स्क्रीनिंग के कक्षाओं में बैठ रहे हैं। हालांकि परिषदीय स्कूलों में भी बच्चे मास्क लगाकर पहुंचे और उनके हाथों को सैनिटाइज किया गया।
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कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालय खुल गए हैं। सभी विद्यालयों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। सभी बच्चों व शिक्षकों को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना है। कोई शिक्षक मास्क नहीं लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-अतुल कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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