मुबारकपुर। भारत सरकार द्वारा रेशमी वस्त्रों पर जीएसटी कर लगाए जाने के विरोध में आयोजित पांच दिवसीय बुनकर बंदी का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन के दौरान व्यापारियों ने मुबारकपुर चौकी परिसर से जुमे की नमाज के बाद जुलूस निकाला जो पूूरे कस्बे का भ्रमण करते हुए अशरफिया इंटर कालेज परिसर में पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गया।
मुबारकपुर रेशमी वस्त्र उद्योग व्यापार मंडल के आवाहन पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष पद्माकर लाल वर्मा ने कहा कि देश में जब से भाजपा की सरकार आई है और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हुए हैं, तब से किसानों, बुनकरों और मजदूरों के सामने तरह-तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने एकाएक आठ नवंबर 2016 की रात को 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा कर दी।
जिसके चलते सैकड़ों किसान, मजदूर, बुनकर पैसा लेने के लिए बैकों में लाइन लगाकर दम तोड़ दिए। अब मोदी जी बुनकरों द्वारा तैयार किए हुए रेशमी वस्त्र पर जीएसटी लगाकर इन्हें भी भूखमरी के कगार पर लाने का काम कर रहे हैं। यदि सरकार ने रेशमी वस्त्र से जीएसटी वापस नहीं लिया तो मुबारकपुर ही नहीं पूरे प्रदेश और देश मे धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
हाजी इफ्तेखार अहमद अंसारी ने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने भारत देश को गुलाम बनाने कार्य किया था और आज बीजेपी सरकार ने रेशमी वस्त्र उद्योग पर जीएसटी लगाकर इस कारोबार को गुलाम बनाना चाहती है। यह उद्योग बन्द होने पर लाखों बुनकर बेरोजगार हो जाएंगे। अम्मार अदीबी ने कहा कि जीएसटी रेशमी वस्त्र उद्योग के लिए भयानक बीमारी है। यह बीमारी इस व्यापार को समाप्त करने में दीमक का कार्य करेगी। जमाल प्तअहमद ने कहा कि जीएसटी कानून बुनकरों को किसी भी प्रकार से स्वीकार नहीं है।
सुलेमान शम्सी ने कहा कि पूरे देश में कपड़े का व्यापार पूरी तरह ठप है और बुनकर रोटी रोजी के लिए चिंतित है। सरकार रेशमी सहित अन्य कपड़ों के उत्पादन को जीएसटी मुक्त करे ताकि कपड़ा व्यवसायी और बुनकर समाज का आर्थिक विकास हो सके। इस मौके पर हाजी सैयदुल्लाह, रिजवान सेठ, मंसूर सभासद, जमाल अहमद, मौलाना अजमल, परवेज अख्तर नोमानी, श्याम जी अग्रवाल, जमील अहमद, इफ्तेखार अहमद आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता हाजी मजहर और संचालन इफ्तेखार मुनीम ने किया।
रूट बदलने से पुलिस में हड़कंप
मुबारकपुर। रेशमी वस्त्र उद्योग व्यापार की ओर से जीएसटी के विरोध में प्रस्तावित जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की तैनाती की गई थी। जुलूस निकाले जाने के स्थान के अचानक परिवर्तन किए जाने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पहले पालिका से जुलूस निकालने की बात कही गई थी। बाद में अचानक इसे मोहल्ला पुरा रानी स्थित मैदान से निकालने की घोषणा कर दी गई। चौकी प्रभारी कौशल कुमार पाठक ने फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली ।