आजमगढ़। जनपद में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने आम जन मानस के साथ पशु-पक्षियों को भी बेहाल कर दिया है। बृहस्पतिवार को भी मौसम में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। हालांकि कोहरा तो नहीं था लेकिन गलन अपने पूरे चरम पर रही। पूरे दिन सूर्य का दर्शन नहीं हुआ, जिसके कारण कांपते हुए लोगों का पूरा दिन बीता।
मौसम की तल्खी अब लोगों को परेशान कर रही है। विगत कई दिनों से सूर्य के दर्शन नहीं हुए हैं। अगर धूप निकली भी तो वह बेमतलब साबित हुई। बृहस्पतिवार को सुबह से कोहरा नहीं था। लेकिन आसमान में बादल छाए हुए थे। लोगों द्वारा बारिश का अनुमान लगाया जा रहा था। वहीं कुछ क्षेत्र में दो-चार बूंदे भी टपकीं। ठंड का आलम यह है कि घरों में लोग हीटर और ब्लोअर चलाने के लिए विवश हैं। वहीं बाहर अलाव लोगों को गर्मी पहुंचाने का साधन बने हुए हैं। जनपद में बढ़ी गलन ने आम जनमानस के साथ ही पशु पक्षियों को भी परेशान कर रखा है। ठंड से बचने के लिए अलाव ही साधन बने हुए हैं। गलन के कारण लोगों की हड्डियां तक कड़कड़ा रही हैं। सर्द पछुआ हवाएं बदन में सुइयां चुभो रही हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अभी इस ठंड से जनपदवासियों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बृहस्पतिवार को मौसम का अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शाम होते ही सड़कों पर पसर जा रहा सन्नाटा
आजमगढ़। दिन के समय तो लोग काम से सड़कों पर नजर आ रहे हैं। इसके कारण आवाजाही नजर आ रही है। लेकिन शाम को दिन ढलने के बाद जैसे ही गलन बढ़ रही है लोग घरों में दुबक रहे हैं। इसके कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है।
हाथ और पैरों में करें गर्म तेल से मालिश
आजमगढ़। ठंड की चपेट में आने से लोगों की सेहत खराब हो रही है। ऐसे में लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ. एके मिश्रा ने बताया कि ऐसे मौसम में विशेष सतर्कता बरतने जरूरत है। अगर ठंड लगती है तो सबसे पहले गर्म तेल की मालिश करें। मोटे अनाज और गुड़ का सेवन करें।
ठंड से बचाने के लिए पशुओं को पिलाएं सरसों का तेल
आजमगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के अध्यक्ष डाॅ. एलसी वर्मा ने बताया कि अधिक ठंड पड़ने से पशुओं की प्रजनन शक्ति पर असर पड़ता है। यह चारा खाना कम कर देते हैं और बीमार पड़ जाते हैं। ठंड में पशुओं को बचाने के लिए उन्हें सरसो का तेल पिलाएं।