लाटघाट। दो दिन घटने के बाद एक बार फिर से घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने से चार गांवों के संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी चढ़ आया है। एक बार फिर से कटान तेज हो गई है और डिघिया गेज पर नदी लाल निशान से पार हो गई है। दो दिन में नदी में छोड़े गए 611969 क्यूसेक पानी का असर अब नदी में दिखने लगा है।
सगड़ी तहसील के उत्तरांचल में घाघरा नदी दो दिन घटने के बाद बढ़ने लगी है। जल स्तर बढ़ने से बांका बूढ़न पट्टी, साहडीह, मानिकपुर, सोनौरा गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। देवारा खास राजा, बाढ़ू का पूरा, झगरहवा, बगहवा में कटान तेज हो गई है। नदी किनारे के रहने वाले व्यक्तियों की रात चिंता में कट रही है और रतजगा कर रहे हैं। घाघरा नदी के कटान से गांव के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। देवारा खास राजा से गोला घाट जाने वाला संपर्क मार्ग टूट गया। संपर्क मार्ग टूटने से लोगों को और परेशानी हो रही है। रास्तों पर पानी जमा होने के कारण प्राथमिक विद्यालय अमुआरी के बच्चे अभी भी ओवरलोड नाव में सफर करने को विवश हैं। शुक्रवार को सगड़ी विधायक डाॅ. एचएन पटेल ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। सगड़ी विधायक ने कहा कि महुला, गांगेपुर, हाजीपुर, अमुवारी जो भी बाढ़ चौकियां तहसील व जिला प्रशासन ने बना रखी है। ये सभी निष्क्रिय हैं। बाढ़ चौकी पर कोई उपस्थित नहीं है और बाढ़ क्षेत्र के ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। हम इसकी शिकायत सदन में करेंगे। बाढ़ प्रभावित गांवों में करीब सवा लाख से अधिक की आबादी है, जो प्रभावित होती है। उनके साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। विस्थापितों के लिए न तो ढंग का कहीं रैन बसेरा है और ना ही शौचालय। बंधे पर बना रैन बसेरा और शौचालय खराब हालत में हैं।
बृहस्पतिवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.14 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 32 सेमी बढ़कर 71.46 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर बृहस्पतिवार को जलस्तर 70.32 मीटर था, जो शुक्रवार को 43 सेमी बढ़कर 70.75 मीटर हो गया। बदरहुंआ नाले पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर है तो डिघिया का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है।