मुराली का पुरवा में घाघरा कर रही तेजी से कटान।
उफनाई घाघरा नदी के घटते ही कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार की देर रात तक मुराली के पुरवा पूरी तरह से घाघरा में विलीन होने की संभावना से ग्रामीणों में दहशत है। उधर शुक्रवार को घाघरा नदी बदरहुआ नाले पर खतरा निशान से 43 सेमी और डिघिया पर 15 सेमी नीचे बह रही है।
सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में शुक्रवार को घटाव दर्ज किया गया। शुक्रवार की शाम बदरहुआ पर जलस्तर 71.25 और डिघिया पर 70.25 सेमी दर्ज किया गया। इस प्रकार बदरहुआ पर घाघरा खतरा बिंदु से 43 सेमी और डिघिया पर 15 सेमी नीचे बह रही थी। जबकि गुरुवार को घाघरा का जलस्तर शाम चार बजे से तक बदरहुआ गेज पर 71.46 था। जबकि डिघिया नाले पर घाघरा का जलस्तर 70.45 दर्ज था। बता दें कि बदरहुआ पर खतरा बिंदु 71.68 और डिघिया पर 70.40 है। नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। इसके चलते मुराली का पुरवा के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उक्त पुरवा में मात्र एक ही मड़ई बची है। ग्रामीणों की माने तो शुक्रवार की देर रात तक उक्त मड़ई भी घाघरा में समा जाएगी। बता दें कि घाघरा ने अब तक पुरवे की 13 रिहायशी मड़इयों को अपने आगोश में ले चुकी है। इसके अलावा क्षेत्र के देवारा खास राजा, अचल नगर, देवारा भिक्षुक दास, देवारा गरीब दुबे, देवारा अचल सिंह सहित आधा दर्जन गांव घाघरा के कटान के मुहाने पर खड़ा है।