सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर लाल निशान से नीचे आ जाने के बावजूद बाढ़ की विभीषिका से हुए नुकसान का सिलसिला जारी है।
कई गांवों में आज भी लोगों को पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है, जबकि कुछ जगहों पर नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन नदी घटने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।
घाघरा के तटवर्ती गांवों सहवदिया, बरामदपुर, देवारा खास राजा और अचल नगर के सामने कटान शुरू हो गया है। अचल नगर गांव के देवरा राम शरण दुबे, देवारा करता राम दुबे, देवरा गरीब दुबे और भिक्षुक दास गांव के उत्तर की खेती योग्य भूमि लगातार कटान की चपेट में आकर नदी में विलीन होती जा रही है।
अचल नगर गांव के फूल बदन, रामाश्रय, रामनिवास, चक्रधारी यादव, फिरंगी यादव, परशुराम यादव, रंजीत यादव, रामसमुझ यादव सहित कई अन्य ग्रामीणों की जमीनें भी कट रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी जमा होने से गंदगी और बदबू का आलम है।
बदरहुआ नाले पर जलस्तर सोमवार शाम चार बजे 71.37 मीटर था, जो मंगलवार को 13 सेमी घटकर 71.24 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर जलस्तर 71.49 मीटर से 13 सेमी घटकर 71.36 मीटर हो गया।
जलस्तर कम होने के साथ ही नदी की कटान तेज हो गई है। इस वर्ष नदी अब तक 60 बीघा से अधिक जमीन को काटकर अपने में विलीन कर चुकी है।
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डिघिया नाले का जलस्तर...
न्यूनतम: 68.90 मीटर
खतरा बिंदु: 70.40 मीटर
अधिकतम: 72.59 मीटर
बदरहुआ नाले का जलस्तर...
न्यूनतम: 70.25 मीटर
खतरा बिंदु: 71.68 मीटर
अधिकतम: 73.52 मीटर
- वर्जन
सरयू नदी के जलस्तर में घटोत्तरी का क्रम जारी है। कुछ जगहों पर कटान हो रही है। उसकी जांच कराकर कटान को रोकने के उपाय किए जाएंगे। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।