लाटघाट। घाघरा के जलस्तर में वृद्घि का क्रम गुरुवार को भी जारी रहा। बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से 98 और डिघिया गेज पर 132 सेमी ऊपर हैै। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी हाजीपुर बाजार में घुस आया है। जिसके कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बुधवार की शाम बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 72.54 मीटर और डिघिया गेज पर 71.61 मीटर दर्ज किया गया था। जो गुरुवार की शाम को बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 72.66 मीटर और डिघिया गेज पर 71.72 मीटर पर पहुंच गया। नदी बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 98 सेमी और डिघिया गेज पर खतरे के निशान 70.40 मीटर से 132 सेमी ऊपर बह रही है। नदी में शारदा बैराज से 131337 क्यूसेक और गिरिजा बैराज से 120424 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। वहीं घरों में बाढ़ का पानी घुसने से हैदराबाद गांव के मलहपुरवा और दलित बस्ती के दो दर्जन लोगों ने महुला गढ़वल बांध पर आ गए हैं। कुछ लोगों ने प्राथमिक विद्यालय हैदराबाद में भी शरण ले रखी है। सीताराम ने कहा कि अभी तक हम लोगों को राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला है। हमें खुले आकाश के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। दिन में बच्चे और बूढ़े पालिथीन के अभाव में बिलबिला रहे हैं।
गांव से निकलने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं है। बंधे पर आने के लिए नाव चाहिए पर अभी तक नहीं मुहैया कराई गई। इसके साथ ही अब घाघरा का पानी हाजीपुर, हैदराबाद, देवारा खास राजा, बांका बूढ़नपट्टी, शाहडीह, सोनौरा, चक्की आदि गांव में घुसने लगा है। पानी घुसने से परेशान लोग अब सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। वहीं तहसीलदार पीके राय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके में 155 नाव लगाई गई है।
एसडीएम के निरीक्षण में अनुपस्थित मिले ब्लाक कर्मी
लाटघाट। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने गुरुवार को एसडीएम सगड़ी रविरंजन महुला गढ़वल बांध पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में ब्लाक कर्मी बाढ़ चौकियों से नदारद मिले। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखने की बात कही।बाढ़ चौकी हाजीपुर में तैनात चिकित्सक डा. अमरेंद्र त्रिपाठी ने एसडीएम को बताया कि बाढ़ चौकी पर पैरासिटामाल, आयरन, फोलिक एसिड, मेट्रोजिल, आई ड्राप, एंटी फंगल क्रीम, खुजली की दवा, ओआरएस पैकेट आदि दवाएं उपलब्ध हैं।
ग्रामीणों ने चिकित्सक को घेरा
लाटघाट। चौकी पर पहुंचे एसडीएम के सामने ही ग्रामीणों ने चिकित्सक का घेराव किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चौकी पर दवा उपलब्ध नहीं है और ना ही गांव में छिड़काव किया गया है। इस पर डा. अमरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि चौकी पर दवा उपलब्ध है और चक्की गांव में दवा का छिड़काव भी किया गया है। मौके पर मौजूद एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।