उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पाण्डेय गुट) की बैठक रविवार को संगठन के जिला कार्यालय मुकेरीगंज में कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जामवंत निषाद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने किया।
जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा यह आदेश जारी किया गया है कि अब विधायक और सांसद एडेड माध्यमिक विद्यालयों को भी अपनी निधि से वित्तीय सहायता दे सकेंगे, लेकिन यह निर्णय पूरी तरह हास्यास्पद और अव्यावहारिक है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश सांसद-विधायकों द्वारा निधि जारी करने के लिए जो शर्तें निर्धारित की जाती हैं, उन्हें एडेड विद्यालय पूरा ही नहीं कर सकते। ऐसे में यह फैसला सिर्फ दिखावे का है, जिससे शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलने वाला है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर वास्तव में वह विद्यालयों की हालत सुधारना चाहती है, तो अगले पांच वर्षों तक सांसद-विधायक निधि को स्थगित कर, वह पूरी राशि एडेड माध्यमिक विद्यालयों, वित्तविहीन विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाए। उन्होंने कहा कि जब गरीब परिवारों के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों जैसी सुविधाएं पा सकेंगे, तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
कार्यवाहक जिलाध्यक्ष जामवंत निषाद ने बताया कि जनपद के शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर संगठन द्वारा 24 जुलाई से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है।
धरने के दौरान 31 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर संगठन को आश्वासन दिया कि 8 अगस्त 2025 तक समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक मण्डल आजमगढ़ और जिला प्रशासन से मांग की कि डीआईओएस को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
यदि ऐसा नहीं हुआ तो संगठन का एक पदाधिकारी 13 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठ जाएगा। बैठक में संरक्षक रामजन्म सिंह, शेर बहादुर सिंह यादव, डॉ. रामजनम दुबे, दिनेश प्रताप सिंह, अबरार अहमद, प्रकाश प्रजापति, अतुल सिंह आदि उपस्थित रहे।