आजमगढ़। परिषदीय विद्यालय के छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के 44 विद्यालयों को चिह्नित कर लर्निंग बाई डूइंग लैब का निर्माण कराया जाएगा। यहां क्रमवार छात्रों को विभिन्न ट्रेडों की जानकारी दी जाएगी। इस लैब में क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एक जुलाई से विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो गया है। ऐसे में छात्रों को रोजगार परक शिक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विकास क्षेत्र में दो-दो उच्च प्राथमिक विद्यालय का चयन किया गया है। जहां लर्निंग बाई डूइंग लैब का निर्माण कराया जाएगा। इस लैब में क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लर्निंग बाई डूइंग लैब में इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एवं एनवायरमेंट, एग्रीकल्चर, नर्सरी व गार्डनिंग और होम एंड हेल्थ ट्रेड की शिक्षा दी जाएगी। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि लर्निंग बाई डूइंग प्रभावी शिक्षण विधि है। इससे छात्रों को स्वयं से प्रयोग करके सीखने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को रचनात्मक तरीके से समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी। साथ ही उनमें रोजगारपरक शिक्षा के प्रति रुचि भी पैदा होगी।