आजमगढ़। सदर तहसील क्षेत्र के जाफरपुर गांव में एक पोखरी पर हो रहे कब्जे से क्षुब्ध ग्रामीणों ने शनिवार को डीएम कार्यालय पर पहुंचकर हुंकार भरी। ग्रामीणों ने सपा के एक पूर्व विधायक पर पोखरी पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। वहीं आरोप लगाया कि सपा के शासन काल में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने प्रभाव में लेकर पूर्व विधायक ने पुराने सरकारी अभिलेखों को भी गायब कर पोखरी की भूमि को अपने नाम से दर्ज करा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि कब्जा नहीं रुका तो वह सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
जाफरपुर गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी को अवगत कराया कि भूमाफियों द्वारा चकबंदी के दौरान फर्जी तरीके से पोखरी नंबर पर अपना नाम दर्ज करवा लिया है। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो एसडीएम सदर के यहां दावा किया गया कि पोखरी नंबर पर दर्ज फर्जी नाम को खारिज किया जाए। हल्का लेखपाल विपक्षी के प्रभाव में आकर आज तक फर्जी नाम को लेकर अपनी रिपोर्ट नहीं दी। जबकि इस पोखरी में कई बार मनरेगा के तहत कार्य भी कराए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सपा के पूर्व विधायक द्वारा पोखरी पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। आज भी उक्त जमीन पोखरी की सकल में है। जिसमें गेलवारा गांव के विश्वकर्मा बस्ती, जाफरपुर गांव के लोगों के घरों का पानी बहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब तहसील में रखे गए सरकारी अभिलेख देखे गए तो पुराना रिकार्ड ही नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि 1332 फसली, 1349, 1359 व 1362 फसली का कोई भी रिकार्ड नहीं मिला। ऐसे में साफ है कि सपा के पूर्व विधायक ने ही रिकार्ड को अभिलेख से गायब कर दिया गया है। जिसके कारण पुराना रिकार्ड नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान जगदीश्वर, अरविंद कुमार, शिवनाथ, अमरजीत, दिलशाद अहमद, गोलू अहमद, साजिद, संजय, रमेश, मनीता, जैतुन नेशा, रिजवाना व रमेश सहित आदि उपस्थित थे।