पात्रता सूची से नाम हटाने के विरोध में मंगलवार को मेहनगर तहसील के बिशुनपुर गांव के ग्रामीणों ने तहसील पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए ज्ञापन उपजिलाधिकारी को दिया और पूर्तिनिरीक्षक तथा प्रधान पर कार्रवाई करने की मांग की।
खाद्यान वितरण में की जा रही गड़बड़ी और पात्रों का एक माह पूर्व नाम काटकर अपात्रों का नाम सूची में जोड़े जाने से नाराज बिशुनपुर के ग्रामीण मंगलवार को तहसील दिवस पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने कोटेदार, प्रधान के साथ ही पूर्ति निरीक्षक के विरुद्ध नारेबजी की। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कपिलदेव यादव को सौंपकर आरोप लगाते हुए कहा कि पात्रों का नाम सूची से हटा दिया गया है। उनके जगह अपने चहेतों का नाम शामिल कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों की बातों को सुनने के बाद जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कहा कि यदि सूचि में आपत्रों का नाम दर्ज किया गया है तो इसे हटाया जाएगा और पात्रो का नाम दर्ज कराया जाएगा। इस मौके पर पुष्पा, गीता, तारा, लीलावती, छटू, अखतर, मोली, रामशब्द, श्याम नारायण यादव, बलधारी चौहान, इंद्रदेव, रामबचन, विश्राम, मोहन आदि उपस्थित रहे। इसी क्रम में सिसवा गांव के ग्रामीणों ने भी कोटेदार के विरुद्ध ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में कवलू राम, नगीना, वकील, नंदलाल, हीरालाल, धनपत, पलटन, शारदा, रीता, कमला आदि थे।