फूलपुर तहसील के तरकुलहा गांव में छह माह पूर्व विरोध के चलते रुका हनुमान मंदिर के निर्माण की बाधा शनिवार को तहसीलदार फूलपुर के निर्णय के बाद दूर हो गई। पुलिस और पीएसी जवानों की मौजूदगी में राजस्वकर्मियों ने जमीन की पैमाइश की। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि ग्राम समाज की भूमि पर हनुमान मंदिर का निर्माण होगा। हालांकि अधिकारियों ने दोबारा किसी तरह का विवाद न हो, इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर पांच फीट छोड़कर बनाने की बात कही।
दोनों पक्षों की मौजूदगी में सुलहनामा तैयार कर संबंधित लोगों को एक-एक प्रति दे दी गई। तरकुलहा गांव निवासी राधेमोहन अपने गांव में गाटा संख्या 170 में दो फरवरी को हनुमान मंदिर का निर्माण शुरू करवाया। दुर्वाषा ऋषि योग वेदांत समिति की ओर से बनने वाले इस मंदिर के निर्माण पर आपत्ति जताते हुए पूर्व विधायक अबुल कलाम ने उस जमीन को अपनी बाग की जमीन बताया। निर्माण में रुकावट होने से दो समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। तनाव को देखते हुए गांव में एक माह तक लगातार एक कंपनी पीएसी के जवान तैनात रहे। उनके जाने के बाद से अहरौला थाने के दो सिपाही दिन-रात ड्यूटी कर रहे थे।
लंबे समय से चल रहे इस विवाद को हल कराना प्रशासन के गले की फांस बना हुआ था। शनिवार को तहसीलदार फूलपुर शिवसागर दूबे, क्षेत्रीय लेखपाल, कानूनगो, एसओ अहरौला के साथ पुलिस और एक प्लाटून पीएसी के जवान लेकर मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों की मौजूदगी में जमीन के अभिलेख देखे गए तो पता चला कि जिस स्थान पर मंदिर बन रहा है। वह जमीन ग्रामसभा की है।
पूर्व विधायक की जमीन इस जमीन से सटी हुई है। अबुल कलाम का दावा झूठा साबित होने पर राधेमोहन पक्ष के लोग उसी जमीन पर निर्माण कराने की जिद करने लगे लेकिन तहसीलदार ने आगे के लिए कोई बात न हो, इसलिए मंदिर का निर्माण पूर्व विधायक की जमीन से पांच फीट पीछे पश्चिम तरफ से शुरू कराने का फैसला सुनाया। लोग इसी पर सहमत हो गए। तहसीलदार फूलपुर शिवसागर दूबे ने बताया कि निर्माण की बाधा दूर हो गई। जिलाधिकारी से अनुमति लेने के बाद यह लोग मंदिर का निर्माण शुरू करवा सकते हैं।