लोक कलाकारों के साथ िथरकतीं शबाना आजमी।
जमाना बहुत आगे निकल चुका है। ऐसे में रिश्तों के प्रति हमें अपनी सोच बदलनी होगी। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हुए ना केवल रिश्तों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं बल्कि तरक्की भी कर सकते हैं। ये बातें पूर्व सांसद व फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय और आक्सम इंडिया के तहत बनो नई सोच, बुनो हिंसा मुक्त रिश्ते विषय जागरूकता अभियान में बतौर मुख्यअतिथि कहीं।
हिंसा मुक्त रिश्ते के लिए महिला, पुरुष, युवा और युवतियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित जागरूकता अभियान का उद्घाटन करने के बाद फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि जमाना बहुत आगे निकल चुका है। इसलिए रिश्तों के प्रति हमें अपनी सोच बदलनी होगी। हम एक दूसरे का सम्मान करते हुए ना केवल रिश्तों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं बल्कि अपनी तरक्की भी कर सकते हैं।
यह परिवर्तन तभी संभव है। जब इसके लिए युवा वर्ग जागरूक होगा। इसलिए उन्होंने खासतौर से युवाओं को रिश्तों के प्रति अपनी सोच बदलने की नसीहत दी है। कार्यक्रम के विषय पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के संयोजक हीना देसाई ने कहा कि घरेलू हिंसा मुक्त समाज बनाने का हमारा पूरा उद्देश्य है। जागरुकता के लिए वह स्कूल, कालेजों में कार्यक्रम आयोजित कर खासतौर से छात्र-छात्राओं को जागरूक करने का कार्य कर रही हैं।
उनके साथ अब तक इस कार्य में 32 स्कूलों के छात्र-छात्राएं सहयोग कर रहे हैं। यह अभियान पूरे प्रदेश में छेड़ा गया है। मंगलवार को पुलिस लाइन परिसर में आयजित इस कार्यक्रम में रौनापार, जीयनपुर, फूलपुर आदि क्षेत्र के 14 कालेजों को छात्र-छात्राएं भाग ली थी। गांव स्तर पर भी लोग जागरूकता फैला रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कुंतल किशोर के अलावा 250 महिला पुलिसकर्मियों सहित आदि मौजूद रहे।