पुल निर्माण के 10 वर्ष पूरे होने पर विजय दिवस मनाते हथिया ग्राम वासी।
आजमगढ़। जनपद में ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देकर चर्चा में आए हथिया गांव के ग्रामवासियों ने पुल निर्माण के 10 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को विजय दिवस हथिया महोत्सव आयोजित कर जश्न मनाया। कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने पुल निर्माण के लिए किए गए लंबे संघर्ष को याद करते हुए खुशी जाहिर की।
इस अवसर पर वर्ष 2009 से 2016 तक हथिया पुल निर्माण को लेकर चले आंदोलन और संघर्ष से जुड़ी तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई गई। संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तमसा बचाओ आंदोलन के संयोजक डॉ. सुजीत कुमार श्रीवास्तव, महाप्रधान रिशु यादव तथा ग्राम प्रधान अंगद सोनकर ने प्रमुख ग्रामवासियों को सम्मानित किया।
ग्रामवासियों ने पुल को चूना-पतंगी से सजाया, दीप जलाए तथा केक काटकर संघर्ष की जीत का उत्सव मनाया। तमसा बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रो. सुजीत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राजनीतिक उदासीनता के कारण दशकों तक तमसा नदी पर पुल निर्माण की मांग की उपेक्षा होती रही, लेकिन हथिया ग्रामवासियों ने संघर्ष और एकजुटता की ऐसी मिसाल पेश की, जो पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी।
महाप्रधान रिशु यादव ने कहा कि 8 मई को गांव के लोग विजय दिवस के रूप में मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन हथिया पुल का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था और ग्रामवासियों ने अपनी समस्याओं पर विजय प्राप्त की थी। कार्यक्रम में स्वागत भाषण रामनाथ सरोज ने दिया, जबकि समापन अवसर पर ग्राम प्रधान अंगद सोनकर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन शंकर ने किया।