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Azamgarh News: 25 नदियों के जल से सजा वरुण कुंभ, लिया नदी बचाने का संकल्प

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विश्व नदी दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को नेहरू हाल में ‘नदी की बात-जन-जन के साथ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक दायित्व न्यास की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिले की 25 छोटी-बड़ी नदियों के जल को एकत्र कर ‘वरुण कुंभ’ में अर्पित किया गया।
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इस दौरान ‘हमारी नदी-हमारा दायित्व’ के संदेश के साथ नदियों और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में वन विभाग, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग, जल निगम और भूगर्भ जल विभाग की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई।
इसमें जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, नदी और जलस्रोतों के संरक्षण से जुड़ी जानकारी दी गई। सीडीओ ने कहा कि नदी और जलस्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि जनजीवन, कृषि, भूजल, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है।
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जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि आयोजन के जरिए आजमगढ़ की जल-स्मृति, वर्तमान जल स्थिति और भविष्य की जल-दृष्टि को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि नदी घाटियां सभ्यताओं की पालना रही हैं। लोक दायित्व न्यास के केंद्रीय संयोजक डॉ. पवन कुमार ने बताया कि अभियान के तहत नदियों, तालाबों, पोखरों, कुओं और अन्य जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. पवन सिंह ने बताया कि स्थानीय अध्ययन, जनसुझाव और जलस्रोतों से जुड़ी जानकारी को संकलित कर ‘आजमगढ़ जल-अभिलेख-2026’ और ‘आजमगढ़ जल एटलस’ विकसित करने का संकल्प लिया गया है।
संगोष्ठी में लोक दायित्व के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. दुर्गा प्रसाद अस्थाना ने ‘तमसा की यात्रा और आजमगढ़ की नदियां’ विषय पर लेख प्रस्तुत किया। अरविंद सिंह, दिनेश सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी नवनीत चौबे, श्रीकृष्णपाल, जय सिंह और रवि अभ्युदय समेत अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, प्रबुद्धजनों, विद्यार्थियों और जनमानस ने सामूहिक जल-संकल्प लिया। इसमें जल की प्रत्येक बूंद बचाने, जलस्रोतों में कचरा व प्रदूषक न डालने, वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय नदियों, तालाबों और कुओं को साझा प्राकृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करने का संकल्प लिया गया।
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