श्रमिकों के पंजीकरण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने पूर्व उपश्रमायुक्त एमएल चौधरी के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजा और वर्तमान उपश्रमायुक्त का वेतन रोकने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया। जिलाधिकारी गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्योँ की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विकास के क्षेत्र में जनपद प्रदेश के टाप टेन में रहना चाहिए। इसलिए रुचि लेकर विकास कार्यों को पूरा कराएं। कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजरों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण में और तेजी लाकर समय सीमा के अंदर कार्यों को पूरा करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सत्यापन के दौरान यदि गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के भुगतान, सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य क्षेत्र से सम्बन्धित निर्माण कार्य, स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कामधेनु, मिनी कामधेनु, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, वृक्षारोपण आदि की विस्तार से समीक्षा किया।
उन्होंने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में श्रमिकों के पंजीकरण का कार्य संतोषजनक न होने पर पूर्व उपश्रमायुक्त एमएल चौधरी के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने और वर्तमान उपश्रमायुक्त का वेतन रोकने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के भुगतान को समय पर करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत पुस्तकों का वितरण शत-प्रतिशत कराने का निर्देश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बृजेश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. काली प्रसाद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग संजय गोरे, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग हरेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।