किसानों का कहना है कि इस समय धान की बालियां निकल चुकी हैं और कुछ फसल पकने की स्थिति में है, ऐसे में पानी और हवा भारी नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि, यह बारिश तेज नहीं है लेकिन पानी के साथ चल रही हवा फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। जिन किसानों ने जल्दी तैयार होने वाली प्रजाति के धान की फसल अपने खेतों में लगाई थी उसे नुकसान पहुंचने की संभावना प्रबल हो गई है।
त्योहारों पर भी इस बारिश का असर साफ देखा गया। शुक्रवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के कार्यक्रम में बारिश के चलते लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा और भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। वहीं कई जगहों पर लगने वाले मेले भी बारिश की भेंट चढ़ गए।
आयोजकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया और लोग मायूस होकर लौट गए। विसर्जन के लिए प्रतिमाओं को लेकर जा रहे लोगों ने पालीथिन लगाकर प्रतिमाओं को ढ़क रखा था। वहीं लगातार हो रही बारिश को देखते हुए विद्यालय भी बंद कर दिए गए।