आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी को लेकर जिलास्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम का सोमवार को जिलाधिकारी एनपी सिंह ने उद्घाटन किया। हालांकि उद्घाटन के दौरान ही कंट्रोल रूम की व्यवस्था फेल नजर रही। कोई भी परीक्षा केंद्र कंट्रोल रूम से कनेक्ट नहीं हो सके थे। इसपर खिन्न डीएम ने न कनेक्ट होने वाले सेंटरों की सूची शाम तक तलब की। साथ ही डीआईओएस को निर्देशित किया कि स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को उन विद्यालयों पर तैनात करें जो कंट्रोल रूम से ऑनलाइन कनेक्ट नहीं हो रहे है।
18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार सभी परीक्षा केंद्रों को ऑनलाइन किया है। इसके लिए परीक्षा केंद्रों के कक्षों में लगे सीसी टीवी को डीवीआर और राउटर के माध्यम से त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम व्यवस्था से जोड़ा गया है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जिलास्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें 20 कंप्यूटर लगे हैं। एक कंप्यूटर से 14 से 15 परीक्षा केंद्रों को जोड़ा गया है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामभवन तिवारी को कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं कंट्रोल रूम प्रभारी की जिम्मेदारी रामदुलार व ओम प्रकाश को सौंपी गई है। साथ ही 20 कर्मचारी भी लगाए गए हैं। इस अवसर पर डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा, प्रधानाचार्य जीजीआईसी सुधा सिंह, धर्मेंद्र राय, संजय सिंह समेत डीआईओएस कार्यालय के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।