रानी की सराय। गली-मुहल्लों में खुले स्कूल न केवल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि अभिभावकों से लेकर शिक्षा विभाग तक की आंखों में खुलेआम धूल झोंक रहे हैं। न तो सरकार से एनओसी और न ही सीबीएसई-आइसीएसई से संबद्धता, पर शिक्षा माफिया धड़ल्ले से अपनी जेबें भर रहे हैं। जिससे बच्चों का भविष्य समाप्त हो रहा है।
शिक्षा क्षेत्र रानी की सराय में भले ही अमान्य स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग का अभियान भले ही चल रहा हो लेकिन क्षेत्र में विद्यालयों का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है। कुछ विद्यालय ऐसे हैं जो बिना मान्यता के ही संचालित हो रहे। वहीं कुछ विद्यालय ऐसे भी हैं जो पांच तक की मान्यता लिए हुए हैं और कक्षा 10वीं व 12वीं तक की पढ़ाई करा रहे हैं। दूसरे विद्यालयों से मिलकर वह अपने यहां कक्षाओं का संचालन कर रहे। उक्त विद्यालयों पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल कर रहे हैं। वहीं अलग-अलग प्रकाशन की किताबों को स्कूल में मनमाने दाम पर ही बेच रहे हैं। जिससे अभिभावकों को काफी परेशानी हो रही है। गरीब परिवार के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ाई के लिए संक्षम नहीं हैं। जबकि ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए शासन ने सख्त निर्देश दिए हैं। बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वर्तमान समय में भी धड़ल्ले से स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। जिले में करीब 82 विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। यदि वह अभी भी संचालन करते पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।