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मोहब्बतपुर में विश्वविद्यालय पर लग गया 56 करोड़ का ब्रेक 16-25-45

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आजमगढ़। मोहब्बतपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा किए तीन साल से ज्यादा का समय बीत गया। लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका। तकनीकि पेच के कारण ये परियोजना अभी तक मूर्त रूप नहीं ले सकी। भेजे गए डीपीआर में कुछ कामों पर 56 करोड़ के खर्च का ज्यादा मानते हुए फिर से प्रस्ताव मांगा गया है। वह भी कहीं नई जगह के लिए। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश सरकार की ओर से राज्य विश्वविद्यालय की घोषणा कर 50 एकड़ निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया था। सदर तहसील के मोहब्बतपुर में लगभग 53 एकड़ भूमि खरीदी जा चुकी है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड ने पहले फेज में 171 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा। लेकिन शासन ने डीपीआर में शामिल 56 करोड़ से होने वाले डैम, नाला शिफ्टिंग, पावर हाउस, मिट्टी पटाई आदि के कार्य पर आपत्ति जताई। इसे कम करने की कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसलिए फिर से राज्य विश्वविद्यालय के लिए अन्यत्र 50 एकड़ भूमि तलाशने के लिए मौखिक निर्देश उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम राजेश कुमार को दिए। डीएम ने मौखिक रूप से अतरौलिया के मकरहां का नाम सुझाया। हालांकि इसका प्रस्ताव अभी शासन को भेजा नहीं गया है। अब उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव योगेंद्र दत्त त्रिपाठी ने फिर से प्रस्ताव भेजने के लिए पत्र जिला प्रशासन को भेजा है। शासन के निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन की ओर से तीन स्थानों पर प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी है। बूढ़नपुर के अतरौलिया के मकरहां में भूमि चिह्नित की गई है। किसानों से थोड़ी ही जमीन खरीदनी पड़ेगी। सरकारी भूमि में काफी बड़ा हिस्सा चारागाह है वहीं, सदर तहसील के कोटिला में भी भूमि चिह्नित की गई है। हालांकि यहां लगभग पूरी भूमि किसानों की है जिसे खरीदना होगा। इसी तहसील के मुबारकपुर के पास गजड़हा में भी एक जगह भूमि चिह्नित की गई है। यहां लगभग नौ हेक्टेयर सरकारी भूमि है, शेष किसानों से खरीदनी होगी।
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