आजमगढ़। नाबालिग वाहन नहीं चला सकते हैं। अभिभावकों ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों को रेसर बाइक थमा रखी है और वे कार भी चला रहे हैं। ऐसे वाहनों के अभिभावकों को जिम्मेदार मानकर उन पर तीस हजार तक का जुर्माना व छह माह की सजा का प्रावधान हैं। सुबह आठ बजते ही कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी दोपहिया वाहनों से निकल पड़ते हैं। एक बाइक पर तीन-तीन सवारियां होती हैं। उनमें से तमाम हेलमेट नहीं लगाए होते हैं। रफ्तार पर भी लगाम नहीं होती है। ऐसे नजारे रोज सड़कों पर देखने को मिलते हैं। यूं तो नियमानुसार 18 साल से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति वाहन नहीं चला सकता है लेकिन इसकी किसे परवाह है। स्कूलों में यातायात नियमों का पाठ तो पढ़ाया जाता है और अभिभावक भी इससे वाकिफ हैं। इसके बावजूद महंगे वाहन खरीद कर उन्हें दे रहे हैं। परिवहन विभाग भी चेकिंग नहीं करता है। एआरटीओ प्रशासन सत्येंद्र यादव का कहना है कि नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक है। उनका लाइसेंस नहीं जारी होता है। नाबालिगों को अभिभावकों से शपथ पत्र लेकर ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं। नियमों की जानकारी होगी तो दुर्घटनाओं में कमी आएगी।-चंद्रपाल विश्वकर्मा