सरायमीर के खरेवा में संर्पाक संख्या52 सी से गुजरते लोग।
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आजमगढ़। रेलवे की ओर से सरायमीर में समपार संख्या 52 और 53 सी में किसी एक को बंद करने के फैसला लिया गया था। एक पर अंडरपास बनाने की बात कही थी। उस पर पहले 53 सी पर अंडर पास बनाने का फैसला ले लिया गया था, लेकिन स्थानीय लोग इसके विरोध में उतर आए। 53 सी से मात्र एक विद्यालय को फायदा हो रहा था। 80 फीसदी आबादी को नुकसान हो रहा था। विरोध के बाद रेलवे के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद जिलाधिकारी से भी रिपोर्ट मांगी। डीएम की ओर से भी जांच कराने के बाद 52सी पर ही अंडर पास बनाने की संस्तुति की गई है। अब यहीं पर अंडर पास बनाया जाएगा।
रेलवे की ओर से सुरक्षा आदि के मद्देनजर बिना फाटक क्रासिंग को बंद किया जा रहा है। इस क्रम में सरायमीर रेलवे स्टेशन के पास स्थित संपार संख्या 52-सी या 53-सी में एक को बंद कर एक पर अंडर पास बनाने की योजना थी। इस क्रम में समपार संख्या 53-सी के पास स्थित एक प्रबंधकीय विद्यालय के प्रबंधक की ओर से यहां विद्यालय और आबादी का जिक्र करते हुए अंडर पास बनाने के लिए प्रत्यावेदन दिया था। जिला प्रशासन ने भी यहां सब-वे के लिए स्वीकृति दे दी थी। रेलवे की ओर से निर्माण आदि के लिए सामग्री आदि भी गिरा दी गई। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से यहां अंदर पास बनाने का विरोध शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना था कि ये समपार आबादी से काफी दूर है। यहां अंडरपास बनने से ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्वीकृति के खिलाफ गजाला परवीन की ओर से परिवाद दाखिल किया गया। परिवाद के बाद रेलवे की ओर से की गई जांच में ग्रामीणों की बात सही निकली। इस पर जिलाधिकारी से भी प्रस्ताव मांगा गया। जिलाधिकारी ने एसडीएम निजामाबाद से जांच कराई। जांच के दौरान पता चला कि सरायमीर रेलवे स्टेशन से 1500 मीटर की दूरी पर खेरवा गांव है। इसकी आबाद पटरी के दोनों ओर फैली हुई है। 80 फीसदी मुख्य आबादी उत्तर तरफ रेलवे स्टेशन, बाजार, सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, प्राथमिक विद्यालय. मतदान केंद्र, मदरसा, कान्वेंट स्कूल और कब्रिस्ताव समपार संख्या 52-सी से सटा है। जो रेलवे पटरी के दक्षिणी तरफ है। यहां ग्राम वासियों का आना-जाना लगा रहता है। 52सी और 53 सीत के बीच की दूरी लगभग 500 मीटर है। 53-सी एकांत में स्थित है। यहां अंडर पास बनाने से रात में महिलाओं और बच्चों के आने-जाने में परेशानी होगी। किसी के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर दो किमी की दूरी तय करनी होगी। 52-सी के बंद होने से ग्रामीणों को काफी समस्या होगी। इसलिए 52-सी पर ही अंडर पास बनना ग्रामीणों के हित में होगा। एसडीएम की अनुमति के बाद जिलाधिकारी की ओर से यहीं पर अंडर पास बनाने की अनुमति दे दी गई है।