आजमगढ़। तरवां विकास खंड की ग्राम पंचायत बहलोलपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत गाजीपुर जिले में तालाब खोदाई के नाम पर 1,66,992 रुपये के गबन का मामला सामने आया है।
इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मेहनाजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
खंड विकास अधिकारी तरवां संतोष कुमार यादव ने तीन मई 2025 को जारी पत्र के अनुसार, बहलोलपुर निवासी बृजराज यादव की शिकायत पांच मई 2024 के आधार पर जांच शुरू की गई।
शिकायत में ग्राम पंचायत बहलोलपुर में हरिशंकर के खेत में तालाब खोदाई नहीं होने, बल्कि गाजीपुर जिले के सादात विकास खंड की ग्राम पंचायत पट्टी गरीब उर्फ मई में कार्य दिखाकर फर्जी तरीके से 1,66,992 रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप था।
जांच में पाया गया कि बहलोलपुर गांव के निवासी हरिशंकर सिंह का खेत गाजीपुर की ग्राम पंचायत पट्टी गरीब उर्फ मई में है। उनके खेत में तालाब खोदाई के लिए संबंधित ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया था। हालांकि, बहलोलपुर ग्राम पंचायत की ओर से अपने क्षेत्राधिकार से बाहर गाजीपुर में मनरेगा कार्य कराना नियमों और शासनादेशों का उल्लंघन है। यह कार्य गबन और दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। इस मामले में ग्राम प्रधान अजय सिंह, ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार और तकनीकी सहायक रुद्रसेन सिंघानिया सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया।
भारत सरकार की मनरेगा गाइडलाइन के बिंदु सात के तहत इनके खिलाफ विधिक, विभागीय और वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बीडीओ तरवां ने मेहनाजपुर थाने को तहरीर सौंपकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और शासकीय धनराशि की वसूली की कार्रवाई शुरू करने को कहा है।
बीडीओ की तहरीर पर मेहनाजपुर थाने की पुलिस ने दोषी पाए गए ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और तकनीकी सहायक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है।