निजामाबाद में स्थित मां शीतला दरबार में पुलिस के विरोध में प्रदर्शन करते श्रीमाली समुदाय के लोग?
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निजामाबाद। मां शीतला धाम पर सावन मास में कढ़ाई चढ़ाई जाती है। सोमवार और शुक्रवार को यहां श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है। इस शुक्रवार को भी काफी भीड़ थी। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस असफल हुई तो सख्ती दिखाना शुरू कर दिया। वाहनों को पंचर करने के साथ ही कई श्रद्धालुओं के प्रसाद गिरा दिए। इससे आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को मैसेज व वीडियो भेज कर शिकायत भी की।
कोरोना संक्रमण के चलते भीड़ पर प्रतिबंध है लेकिन धार्मिक स्थल खोल दिए गए हैं और एक वक्त में मंदिर के अंदर पांच लोगों के जाने की अनुमति है। मां शीतला धाम पर शुक्रवार को काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर परिसर के अगल-बगल स्थित खाली जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए बने शेड में भक्त बैठ कर प्रसाद आदि बना रहे थे। वहीं आसपास लोग बैठे भी हुए थे। भीड़ रोकने में पुलिस महकमा पूरी तरह से असफल रहा। इस पर एसआई रहमुद्दीन के नेतृत्व में पुलिस के जवान धाम पर पहुंचे और एक तरफ से वहां खड़े श्रद्धालुओं के वाहनों को पंचर करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं शेड में बैठे श्रद्धालुओं पर डंडा भी भांजने लगे। श्रद्धालु नहीं हटे तो कुछ पुलिस कर्मियों ने चूल्हे पर चढ़े कढ़ाई में भरे गर्म तेल केे गिरा तक किया और बने हुए प्रसाद को नष्ट भी कर दिया। इस पर श्रद्धालु आक्रोशित हो उठे और मौके पर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। अखिल भारतीय श्रीमाली महासभा के पदाधिकारी रमेश मधुकर ने घटनाक्रम की वीडियो एसपी को भेजते हुए कार्रवाई की मांग किया।
पुलिस ने भीड़ कंट्रोल करने के लिए कुछ सख्ती की होगी, लेकिन प्रसाद आदि नष्ट करने, श्रद्धालुओं को पीटने आदि का मामला संज्ञान में नहीं है। आगे से पूरा प्रयास होगा कि वहां भीड़ ही न जुटने पाए। इसके लिए मंदिर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेट कर दिया जाएगा और चार-पांच की संख्या में लोगों को ही अंदर जाने दिया जाएगा। - राजीव रतन, एसडीएम निजामाबाद।