आजमगढ़। पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के मुख्य गवाह व मऊ जिले के मोहम्मदाबाद ब्लाक के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह के हत्या की साजिश आजमगढ़ में जेल में रची गई थी। इसके बाद से शासन ने जिला जेल की सुरक्षा कड़ी करनी शुरू कर दी है। हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता ध्रुव कुमार सिंह कुंटू और उसके सहयोगी अखंड प्रताप सिंह के बाद अब उधम सिंह को सोनभद्र जेल भेजने की तैयारी है। लखनऊ पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि ऊधम ने ही अजीत की हत्या के लिए शूटर उपलब्ध कराए थे।
लखनऊ के कठौता चौराहे पर छह जनवरी को अजीत सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अजीत सिंह के साथ ही गोली लगने से घायल मोहर सिंह ने ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अखंड प्रताप सिंह और वाराणसी के गिरधारी विश्वकर्मा को नामजद किया था। मुकदमे के बाद लखनऊ पुलिस ने कुंटू व अखंड को जब रिमांड पर लेकर पूछताछ की। उसके बाद खुलासा किया कि ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू व अखंड प्रताप सिंह ने ही अजीत के हत्या की साजिश आजमगढ़ जेल में ही रची थी। इसी जेल में बंद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात ऊधम सिंह ने शूटर उपलब्ध कराए थे। इस खुलासे के बाद आजमगढ़ जेल शासन के निशाने पर आ गया। कुंटू और अखंड के साथ ही उनके कई सहयोगियों को दूसरी जेलों में भेजा गया। तत्कालीन वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा को भी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। विनोद कुमार को यहां यहां का वरिष्ठ जेल अधीक्षक बनाया गया। कुंटू व अखंड के साथ तिकड़ी बनाने वाला ऊधम सिंह भी अब जिला कारागार से स्थानांतरित करने की तैयारी है। उसे जिला कारागार सोनभद्र भेजने की तैयारी है। शासन से इस बाबत पत्र जारी हो चुका है और दो दिनों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर क्या कवायद चल रही है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। अभी मेरे पास ऊधम के स्थानांतरण का कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने पर उसे जहां भेजने का निर्देश होगा वहां भेज दिया जाएगा।-विनोद कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार आजमगढ़