ई-प्रशासन, साइबर क्राइम और हाईटेक होती व्यवस्था के साथ कदम मिलाते हुए जिले की पुलिस ने भी सोशल नेटवर्किगिं साइट पर अपनी उपस्थिति तो दर्ज करा दी, लेकिन हालात यह है कि दो वर्ष से इनका फेसबुक एकाउंट अपटेड ही नहीं किया गया। डिजिटल इंडिया को अपना रहे युवा यदि आजमगढ़ पुलिस के फेसबुक एकाउंट पर दिए गए आंकड़ों और जानकारी पर भरोसा करते हैं तो उन्हें धोखा ही मिलेगा।
सोशल नेटवर्किगिं साइट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए जिले की पुलिस ने भी इस साइट से जुड़ने का मन बनाया। इसके लिए निर्देश जारी किए गए। हाईटेक व्यवस्था की ओर कदम बढ़ाते हुए जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने आजमगढ़ पुलिस का फेसबुक एकाउंट मार्च 2013 में बनवाया, लेकिन उनके जाने के बाद यह एकाउंट उसी हालात में पड़ा है।
20 जून 2013 के बाद इस एकाउंट को अपडेट ही नहीं किया गया। दरअसल थाने और खाकी वर्दी की रौब झाड़ने की मानसिकता से खुद को अलग करने की मुहिम पुलिस प्रशासन ने शुरू तो कर दी, लेकिन रुझान न होने से यह व्यवस्था परवान नहीं चढ़ पा रही है। आजमगढ़ पुलिस एकाउंट पर लोगों की तहरीर दर्ज करने के साथ ही रिपोर्ट के संबंध में हुई कार्रवाई से अवगत कराने का भी भरोसा दिलाया गया, लेकिन कितने लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और कितने मामले का निपटारा किया गया, यह कोई नहीं जानता।
इतना ही नहीं, तत्कालीन एसपी तो जनपद से स्थानांतरित हो गए लेकिन फेसबुक एकाउंट पर आज भी पुलिस अधीक्षक बनकर विराजमान हैं, जबकि जिले के नए एसपी आकाश कुलहरि हैं। वहीं, तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण केके चौधरी भी फेसबुक पर कायम हैं, जबकि वर्तमान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मोहम्मद इमरान हैं। फेसबुक एकाउंट पर 20 जून 2013 को सर्फुद्दीनपुर में हुई अवैध असलहा फैक्ट्री के भंडाफोड़ की खबर पोस्ट की गई है, मगर इसके बाद कोई खबर अपलोड नहीं की गई। दूसरी तरफ अगर पड़ोसी जनपद वाराणसी के पुलिस फेसबुक एकाउंट पर नजर डालें तो वाराणसी पुलिस प्रतिदिन की जाने वाली कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट फेसबुक एकाउंट पर अपलोड करती है।
आजमगढ़ पुलिस के फेसबुक एकाउंट को मैंने ही बनाया था। उस समय मैं जिले में अंडर ट्रेनिंग आया था। 19 जून 2013 को मेरा यहां से स्थानांतरण हो गया। उसके बाद यहां के जिम्मेदार लोगों ने क्या किया, यह मैं नहीं जानता। अब मैं आ गया हूं और मामला भी मेरे संज्ञान में आ गया है तो मैं इसे अपडेट कराने की व्यवस्था करता हूं। -मोहम्मद इमरान, अपर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण