आजमगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से उद्योग लगाने की प्रक्रिया आसान की जा रही है। उद्यमियों को अपना उद्योग लगाने के लिए अब 99 साल की लीज पर प्लॉट आवंटित किया जाएगा। उद्योग विभाग ने राजकीय औद्योगिक आस्थानों/मिनी औद्योगिक आस्थानों के रिक्त भूखंड/शेडों के आवंटन की जेम पोर्टल पर फॉरवर्ड ई-नीलामी प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है। जिले में पांच जगहों पर औद्योगिक आस्थान बने हैं, यहां इनके नाम पर 20.69 एकड़ जमीन आवंटित है। इसमें बने 11 शेड में दो शेड में कोई उद्योग आज तक लगे ही नहीं। साथ ही अलग-अलग उद्योगों के लिए आवंटित 236 प्लॉटों में से 71 प्लॉटों पर भी आज तक उद्योग नहीं लगा। उद्योगों को बढ़ावा देने और लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पांच जगहों को चिह्नित किया गया था। इसमें सर्फुद्दीनपुर में सात एकड़ में औद्योगिक आस्थान बना है। यहां 11 शेड और 19 प्लॉटों का आवंटन अलग-अलग उद्योग के नाम आरक्षित है। हाल यह है कि यहां दो शेड और छह प्लॉट पर औद्योगिक गतिविधियां एकदम बंद हैं। यहां वर्तमान में उद्योग नहीं चल रहे। सुदनीपुर फूलपुर में 40 प्लॉटों में से 25 उद्योगों को आवंटित होने वाली जमीन खाली पड़ी हुई हैं। सोफीपुर लालगंज में 33 उद्योगों के लिए जमीनें एक ही व्यक्ति के नाम आवंटित हुई थीं। उनकी मृत्यु हो चुकी है पर अभी तक यह जमीनें दूसरे लोगों को आवंटित नहीं हो सकीं। राजकीय चीनी पात्र विकास केंद्र निजामाबाद में 148 प्लॉटों में चार रिक्त पड़े हुए हैं तो सात पर औद्योगिक गतिविधियां ठप हैं।
बल्देव मंदुरी की जमीन चढ़ गई एयरपोर्ट की भेंट
बल्देव मंदुरी में 3.26 एकड़ की जमीन औद्योगिक आस्थान के नाम आवंटित है। यहां कुल 42 भूखंड विकसित किए गए थे। इसमें 15 भूखंड आवंटित थे, जबकि 27 रिक्त पड़े हुए थे। यहां मंदुरी एयरपोर्ट विकसित होने के बाद यहां की आधे से ज्यादा जमीन एयरपोर्ट की जद में आ गई। इस कारण यहां उद्योग से संबंधित गतिविधियां पूरी तरह बंद हो गई।
औद्योगिक क्षेत्र का नाम - शेड - भूखंड - रिक्त शेड - रिक्त भूखंड
1- सर्फुद्दीनपुर - 11 - 19 - 02 - 06
2- सुदनीपुर फूलपुर - 40 - 00 - 00 -25
3- सोफीपुर लालगंज - 33 - 00 - 00 - 33
4- राजकीय चीनी पात्र विकास केंद्र निजामाबाद - 148 - 04 - 00 - 07
जिन आवंटित शेड और भूखंडों पर औद्योगिक गतिविधियां संचालित नहीं हो रही है, उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। भूखंड व शेडों को लीज पर लेने के लिए निदेशालय स्तर से ऑनलाइन आवेदन शुरू किए गए हैं।
- प्रभात रंजन, प्रभारी उपायुक्त उद्योग।