आजमगढ़। जनपद में अपराधियों और पशु तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 24 घंटे के भीतर दो थाना क्षेत्रों में मुठभेड़ों में पांच आरोपियों को दबोचा गया। पहली मुठभेड़ में पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र में अंतरजनपदीय ठग-चोर गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। जबकि सरायमीर क्षेत्र में दूसरी मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है।
मुठभेड़ 1
पहली कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने सोमवार की देर रात बाग लखराव पुलिया के पास की। पुलिस अधीक्षक सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि चोरी की मोटरसाइकिल से दो बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गाजीपुर के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी राजेश यादव (24) के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी विजय यादव (36) निवासी केशरवां को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचा, कारतूस और सदर अस्पताल परिसर से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद की। पुलिस अधीक्षक सिटी ने बताया कि घायल आरोपी राजेश यादव के खिलाफ गाजीपुर, मिर्जापुर, मऊ और आजमगढ़ में चोरी, ठगी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट एवं गैंगस्टर एक्ट सहित 17 मामले दर्ज हैं।
मुठभेड़ 2
दूसरी कार्रवाई मंगलवार को सरायमीर थाना क्षेत्र के खासडीह बरईपुर बड़ी नहर के पास हुई। डायल-112 से मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने पशु का मांस ले जा रहे आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। इस दौरान मेराज उर्फ साजिद खान ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल मेराज के अलावा गालिब और शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पशुओं का मांस बेचते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से एक तमंचा, कारतूस, चार चाकू, दो चापड़, लकड़ी का ठीहा और 23.700 किलोग्राम मांस बरामद किया।
जनपद में अपराधियों, वाहन चोरों, ठगों और पशु तस्करों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है, जबकि भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
- डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक।